डबवाली में बैठक में मौजूद सिख संगत।
डबवाली (सिरसा)। पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना किए गए हरियाणा के 37 सिख श्रद्धालुओं को सीमा पार जाने की अनुमति नहीं मिलने के मामले में शनिवार को गुरुद्वारा गुर-अस्थान कलगीधर सिंह सभा में शनिवार को बैठक की। बैठक में निर्णय लिया कि उनका वीजा लगा हुआ है। ऐसे में गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी वीजा की व्यवस्था करे। भक्तों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का बहिष्कार किया जाएगा।
संगत ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से मांग की है कि एक जत्था 21 जून को पाकिस्तान जा रहा है। उनके साथ संगत को भेजा जाए। यदि हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी उनकी मांग को पूरा नहीं करती है तो कमेटी का बहिष्कार किया जाएगा। इस बैठक में हरियाणा कमेटी के मेंबर जगतार सिंह मान , सुखविंदर सिंह चन्दी, बलविंदर सिंह गिल , ज्ञानी गुरबचन सिंह, जसवंत सिंह, लाल नरपत सिंह, बिटू , बलविंदर सिंह ,इकबाल सिंह , विजन्त शर्मा , जिला महामंत्री मोहिंद्र बांसल, मण्डल अध्यक्ष लव प्रीत सिंह आदि मौजूद रहे।
यह है पूरा मामला
ज्ञानी ज्ञान सिंह ने बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा हरियाणा के 94 श्रद्धालुओं का वीजा लगवाकर उन्हें पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए भेजा गया था। इनमें डबवाली क्षेत्र के 37 श्रद्धालु भी शामिल थें। श्रद्धालुओं का जत्था 9 जून को रवाना हुआ था, लेकिन 10 जून को अटारी-वाघा बॉर्डर पर उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं मिली। जब कारण पूछा गया तो संबंधित अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से आवश्यक अनुमति नहीं पहुंची है। रात करीब साढ़े आठ बजे श्रद्धालुओं को लौटने के लिए कह दिया गया। ज्ञानी ज्ञान सिंह ने बताया कि पंजाब और दिल्ली की संगत को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिल गई, जबकि हरियाणा की संगत को लौटना पड़ा। इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।