संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पुलिस अधीक्षक डॉ. मयंक गुप्ता ने जांच अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए एक सराहनीय पहल की है। अब जांच अधिकारियों को मुकदमों से जुड़े दस्तावेजों की फोटोस्टेट या टाइपिंग जैसे खर्चों के लिए अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा। एसपी कार्यालय ने कोर्ट परिसर में मौजूद टाइपिस्टों से टाईअप कर लिया है। अब यह खर्च एसपी कार्यालय वहन करेगा।
एसपी डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि जब पुलिस अधिकारी किसी मामले में कोर्ट में चालान पेश करते हैं, तो दस्तावेजों की फोटोस्टेट, टाइपिंग और अन्य कामों पर निजी खर्च करना पड़ता है। इससे जांच अधिकारियों को आर्थिक बोझ झेलना पड़ता था। यह व्यवस्था उन्हें उस बोझ से मुक्ति दिलाएगी और वे बिना किसी तनाव के न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेंगे।
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थाना प्रभारियों को निर्देश, सबूतों के अभाव में आरोपी न बचने पाएं
एसपी डॉ. गुप्ता ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी अपराध के पंजीकरण से पूर्व वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि अभियोगों को इस प्रकार से तैयार किया जाए कि अदालत में सबूतों के अभाव में अपराधी सजा से न बच सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी ने बताया कि समय-समय पर थाना प्रभारियों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, लेकिन जिनके कार्य में कोताही पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।