संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। खरीफ-2026 की फसलों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण जारी है। जिन किसानों ने अब तक पंजीकरण नहीं करवाया है वे 31 जुलाई तक इसे पूरा कर सकते हैं।
उप कृषि निदेशक सुखदेव सिंह ने मंगलवार को बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए फसल पंजीकरण अनिवार्य है। यूरिया और डीएपी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी यह आवश्यक है। हरियाणा सरकार केवल पंजीकृत किसानों की खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद करेगी। किसानों को भविष्य में असुविधा से बचने और एमएसपी पर फसल बेचने के लिए सही विवरण दर्ज करना चाहिए।
पंजीकरण के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आईडी अनिवार्य है। किसान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), अटल सेवा केंद्र या अपने मोबाइल से फसलडॉटहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 या खंड कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
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सिरसा। खरीफ-2026 की फसलों का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कार्य जारी है। जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है, वे 31 जुलाई तक पोर्टल पर पंजीकरण करवा सकते हैं।
उप कृषि निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फसल पंजीकरण अनिवार्य है। इसके अलावा किसानों को यूरिया एवं डीएपी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना आवश्यक है। हरियाणा सरकार द्वारा केवल पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की खरीफ फसलों की ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा से बचने तथा अपनी फसल सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए समय रहते पोर्टल पर बोई गई फसल का सही विवरण दर्ज कर पंजीकरण अवश्य करवाए। उन्होंने बताया कि फसल पंजीकरण के लिए किसान के पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आईडी होना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा अपने संबंधित खंड कृषि कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उप कृषि निदेशक ने बताया कि किसान अपने गांव के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), अटल सेवा केंद्र या स्वयं अपने मोबाइल के माध्यम से फसलडॉटहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह किया कि पोर्टल बंद होने से पहले अपनी खरीफ फसलों का पंजीकरण पूरा करें, विभागीय योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी उपज को समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचकर अधिक लाभ प्राप्त करें।