कोरोना रिकवरी रेट बढ़ने से अब जिले में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। रिकवरी रेट अब 90.85 फीसदी पहुंच गया है। जिसके चलते अस्पतालों में ऑक्सीजन, नॉन ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, आईसीयू सहित कुल 401 बेड खाली हो चुके हैं। वहीं कोरोना की दूसरी लहर के शुरूआती दौर में ऑक्सीजन सिलिंडर एजेंसी के सामने दिनभर मरीजों के तिमारदारों की लंबी कतार देखने को मिलती थी लेकिन अब एजेंसी के समक्ष इक्का दुक्का लोग ही ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए पहुंचते हुए दिखाई देते हैं।
कोरोना के शुरूआती दौर में अस्पतालों में खाली बेड और ऑक्सीजन न मिलने से मरीजों के तिमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बेडों की किल्लत होने के कारण नागरिक अस्पताल में भी मरीज किराए की चारपाई लेकर इलाज लेते हुए नजर आते थे। वहीं डबवाली रोड स्थित ऑक्सीजन सिलिंडर गैस एजेंसी के समक्ष भी घंटों लाइन में लगने के बाद मरीजों के तिमारदारों को ऑक्सीजन सिलिंडर मिल पाता था। लेकिन दो सप्ताह से स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला है।
अस्पतालों में कुल 704 बेड, खाली हुए 401 बेड
स्वास्थ्य विभाग के पास कुल बेड : 704
इनमें से ऑक्सीजन युक्त बेड : 360
बिना ऑक्सीजन के बेड : 173
कुल आईसीयू : 127
कुल वेंटिलेटर : 44
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खाली बेडों की स्थिति: कुल 401
खाली ऑक्सीजन बेड : 198
खाली नॉन ऑक्सीजन बेड : 151
खाली आईसीयू बेड : 42
खाली वेंटिलेटर : 10
मरीजों को चारपाई पर भी इलाज करवाना पड़ा था : नागरिक अस्पताल में बेडों की कमी होने के कारण मरीजों को चारपाई पर भी इलाज करवाना पड़ रहा था जिसके पश्चात अस्पताल प्रशासन की ओर से सर्जिकल वार्ड को खाली करवा सभी मरीजों को शिफ्ट कर दिया यहां 40 से अधिक बेड लगाए गए थे लेकिन अब मरीजों के ठीक होने ओर कम मरीजों के मिलने के कारण नागरिक अस्पताल में भी 30 बेड खाली पड़े हैं। नागरिक अस्पताल में कुल 105 बेड लगाए गए हैं। इनमें से ऑक्सीजन के 15 और बिना ऑक्सीजन 15 बेड खाली हैं।
कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या पहले के मुकाबले कम आ रही है और मरीज जल्द ही ठीक हो रहे हैं। जिसके चलते अस्पतालों में बेडों और ऑक्सीजन की किल्लत भी दूर हो गई। रिकवरी रेट में सुधार होने से स्थिति अब नियंत्रण में है। -डॉ. मनीष बांसल, सीएमओ, सिरसा।