सिरसा। आईटीआई रोड स्थित श्री शिव काली मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथावाचक अनीता शास्त्री ने रामचरित मानस सुनने और इसमें बताए मार्ग का अनुसरण करने का महत्व बताया।
कथावाचक ने कहा कि जीवन के हर संशय का समाधान श्रीराम कथा करती है। रामचरित मानस में नौ दिन में नौ प्रश्न हैं। निर्गुण ब्रह्म सगुण कैसे हो गया, राम जन्म का कारण क्या है। प्रभु के बाल्यकाल की लीला, विवाह लीला, वनगमन लीला और राक्षसों के मारने का प्रयोजन। अयोध्या में रामराज्य अभिषेक और संतों का चरित्र। इन्हीं प्रश्नों के उत्तर नौ दिन में दिए जाते हैं। शास्त्री ने कहा कि भक्त के हृदय में भगवान आए तो आंसू आए बिना रह नहीं सकते। भगवान का सिमरण करते रहिए। हमारे हृदय में विकारों का जो खारा जल भरा है, बाहर निकलना चाहिए। कथावाचक अनीता शास्त्री ने कहा कि माता सती ने अभिमान वश कूंभज ऋषि से श्री राम की कथा को नहीं सुना और श्रीराम पर संदेह किया। इसके बाद माता सती बिना बुलाए अपने पिता के यज्ञ में गई। भगवान शंकर का और अपना अपमान सहन नहीं कर सकी। योग अग्नि के द्वारा अपने शरीर को जलाकर भस्म कर दिया। लेकिन माता सती ने दोबारा जन्म लिया और जिसके बाद हर-गौरी का विवाह आनंद पूर्वक संपन्न हुआ। ब्रह्मा ने वेदोक्त रीति से विवाह करवाया। विवाह उत्सव का आनंद लेते हुए सभी ने नाच कूद कर अपनी हाजिरी लगाई तथा कथा के अंत में भगवान शंकर के विवाह और दिव्य देवताओं और भूत प्रेतों सहित बारात की बहुत सुंदर झांकी भी दिखाई गई। मंदिर की मुख्य सेविका सुनीता रानी ने कहा कि कथा 24 जुलाई तक रोजाना दोपहर 3 से 6 बजे तक चलेगी और 25 जुलाई को सुबह हवन यज्ञ होगा।