संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए डबवाली रोड पर बिछाई बरसाती लाइन पांच बार फट चुकी है। अब एक साल बाद नगर परिषद के इंजीनियरों को याद आया है कि लाइन में हवा और प्रेशर कम करने के लिए वॉल्व लगाने जरूरी हैं। सोमवार को नगर परिषद के कर्मचारियों ने वॉल्व लगाने कार्य शुरू कर दिया है। अब हर 400 मीटर पर घग्गर तक लाइन में वॉल्व लगाए जाएंगे।
नगर परिषद ने एक साल पहले 37 करोड़ रुपये की लागत से यह बरसाती लाइन बिछाई थी। हर बार मरम्मत के बाद भी लाइन टूटने का सिलसिला नहीं रुका। तकनीकी खामी की इस अनदेखी के चलते नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों ने जन स्वास्थ्य विभाग से न तो कोई तकनीकी सलाह ली और न ही अनुभव साझा किया, जबकि जन स्वास्थ्य विभाग 8-10 किलोमीटर दूर से पेयजल लाइन खींचने का अनुभव रखता है। विशेषज्ञों की मानें तो तालमेल और प्लानिंग की कमी के कारण यह स्थिति बनी है।
अब नगर परिषद ने प्लान बनाया है कि डबवाली रोड पर हर 400 मीटर की दूरी पर पाइपलाइन के ज्वाइंट को मजबूत किया जाएगा और वहां वॉल लगाए जाएंगे। इससे पाइपों पर प्रेशर कम होगा और बार-बार फटने की समस्या नहीं आएगी। अधिकारियों का कहना है कि सिद्धमुख माइनर तक पहले से बिछी लाइन को अब आगे घग्गर नदी तक ले जाया जाएगा। शुरुआती योजना में घग्गर में पानी का बहाव नहीं जोड़ा गया था।
बाजार और मुख्य चौकों का पानी इसी लाइन में डाला जाएगा
नगर परिषद के अनुसार इस समय शहर के बाजारों, एडिशनल अनाज मंडी और मुख्य चौकों में बरसाती लाइन बिछाई जा रही है। इन सभी इलाकों का पानी पाइप के जरिये मुख्य लाइन में पहुंचेगा। मानसून के दौरान इस लाइन पर कई गुना दबाव बढ़ जाएगा। ऐसे में यह लाइन कितना काम करेगी, यह तो समय ही बताएगा। परिषद का मानना है कि इस मानसून में लोगों को राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि योजना के चलते बरसाती डिस्पोजल को बंद रखा जाएगा और सिर्फ सीवरेज लाइन से पानी निकालने की कोशिश होगी।
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चेयरमैन बोले—बरसाती लाइन बिछाने में लगेगा एक साल
नगर परिषद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने कहा कि बाजारों और शहर के अन्य इलाकों में बरसाती लाइन बिछाने का कार्य बड़ा है। ठेकेदार को इसके लिए एक साल का समय दिया गया है। इसलिए इस बार मानसून में बरसाती पानी की निकासी मुमकिन नहीं हो सकेगी।
कोट्स
डबवाली रोड पर बरसाती लाइन डैमेज नहीं हुई है। हर 400 मीटर की दूरी पर ज्वाइंट मजबूत किए जा रहे हैं। इसलिए खुदाई कर पाइप से पानी निकाला गया है। सिद्धमुख माइनर तक लाइन को और मजबूत किया जाएगा। - प्रवीण शर्मा, जूनियर इंजीनियर, नगर परिषद।