सिरसा मेें 6 एमएम बारिश से हटा धूल का गुबार,156 पहुंचा एक्यूआई
राजस्थान से आने वाली तेज हवाओं से सिरसा में पिछले चार दिनों से छाया था आसमान में धूल का गुबार
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। सोमवार को सुबह जिले के कई स्थानों पर बारिश हुई। सिरसा में 6 एमएम बारिश हुई। बारिश से आसमान में पिछले चार दिनों से छाया हुआ धूल का गुबार हट गया। इससे कि लोगों को राहत महसूस हुई। सिरसा से ज्यादा ओटू में आठ एमएम बरसात हुई। इस बरसात से किसानों को बड़ी राहत मिली है। क्षेत्र में धान की करीब दस हजार हेक्टेयर की बिजाई शेष है। ऐसे में बरसात से धान की रोपाई में भी तेजी आएगी। राजस्थान से आने वाली तेज हवाओं के कारण सिरसा में पिछले चार दिनों से आसमान में धूल का गुबार बना हुआ था। बरसात के बाद सिरसा में सोमवार को एक्यूआई 199 था। लेकिन शाम पांच बजे एक्यूआई 172 था। लेकिन शाम साढ़े सात बजे सिरसा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 156 रह गया। वहीं तापमान में भी गिरावट भी दर्ज की गई। बीते दिनों अधिकतम 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 31.2 दर्ज किया गया। तापमान में करीब 6 डिग्री गिरावट आई है।
पेंतालिसा क्षेत्र में देरी से ही सही सोमवार को हुई बारिश से मौसम खुशगवार हो गया। जिससे किसानों के चेेहरों पर रौनक लौट आई है। सोमवार सुबह अचानक बादल आए थोड़ी देर बात बारिश होने से फसलों को फायदा हुआ वहीं लोगों को गर्मी से राहत मिली। सोमवार को हुई बारिश कपास व बीटी नरमें, ग्वार व बाजरे, अरंड, मक्का व मूंगफली की फसल के लिए संजीवनी साबित होगी। किसान महेंद्र सिंह का कहना है कि बिरानी ग्वार व बाजरे की फसल पानी के अभाव में झुलस रही थी वह अब खराब होने से बच जाएगी। इस बार चोपटा खंड में देशी कपास व बीटी नरमा 37200 हेक्टेयर में, गवार 14500 हेक्टेयर में, बाजरा 1450 हेक्टेयर में, मुंगफली 1350 हेक्टेयर में तथा धान 4500 हेक्टेयर मेें, इसके अलावा मक्का, अरंड की फसलों की बिजाई की हुई है।
156 एक्यूआई रहा सिरसा में प्रदूषण
सिरसा में सोमवार सुबह एक्यूआई 199 दर्ज किया गया। वहीं रविवार को एक्यूआई 352 दर्ज किया गया। जबकि बीते दिन शनिवार को एक्यूआई 432 तक पहुंच गया।
कहां कितनी हुई बारिश
सिरसा 6 एमएम
ओटू, आठ एमएम
पंजुआना, 6 एमएम
गोलूूआना, पांच एमएम
कालांवाली, बूंदाबांदी
अबूबशहर, बूंदाबांदी।
कोट्स
चोपटा खंड में इस बार इस बार सावनी की फसल काफी अच्छी है, मौके पर फसलों में कोई भी बीमारी नहीं है। लेकिन दो दिनों से चल रही धूल भरी आंधी से पौधों पर धूल जमने लगी थी। अब बारिश होने पर ही फसलों को काफी फायदा होगा। आगे भी अच्छी बारिश होने पर उत्पादन भी ज्यादा होगा।
- डॉ बहादर राम गोदारा, खंड कृषि विकास अधिकारी, चोपटा।
फोटो 32,33