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खराब मेटल डिटेक्टर से स्टेशन की सुरक्षा

Sat, 16 Jan 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की दिशा में प्रदेशभर में अलर्ट जारी है, लेकिन सिरसा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के नाम पर यात्रियों और रेलवे को गुमराह किया जा रहा है।
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शुक्रवार को पानीपत स्टेशन पर यात्री रेलगाड़ी में विस्फोट होने के बाद डीजीपी ने अलर्ट जारी किया। इसके बाद सिरसा स्टेशन पर रेलवे पुलिस फोर्स ने प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर (धातु सूचक) लगा दिया। इसका इस्तेमाल हथियारों, विस्फोटक व बम आदि का पता लगाने में किया जाता है।

मेटल डिटेक्टर काफी समय से खराब हालत में है, लेकिन फिर भी आरपीएफ ने खराब पड़े इस यंत्र को लगाकर यात्रियों और रेलवे अधिकारियों को गुमराह करने का काम किया। शनिवार को स्टेशन पहुंचने वाले और रेलगाड़ी से उतरे यात्री मेटल डिटेक्टर के बीच में से गुजरकर जाने लगे।
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सभी को यही लग रहा सुरक्षा के लिहाज से यह प्रबंध जरूरी है। दोपहर को पंजाब के बठिंडा से सिरसा पहुंची रेलगाड़ी से उतरे यात्रियों का ध्यान मेटल डिटेक्टर पर गया, जिससे खुलासा हुआ कि आरपीएफ सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ कर रही है। जीआरपी को जब यह पता चला तो उन्होंने अपने चार जवान प्रवेश द्वार पर खड़े करने पड़े। इसके बाद जीआरपी ने हाथों से यात्रियों के सामान की तलाशी लेनी शुरू की।

घातक हो सकती है यह लापरवाही
पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय ने अपने अलर्ट में साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि आतंकी संगठनों का फोकस बड़े शहरों से ज्यादा छोटे शहरों को निशाना बनाने पर है।

इस लिहाज से सिरसा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की लापरवाही काफी घातक साबित हो सकती है। खराब पड़े मेटल डिटेक्टर के कारण कोई भी शख्स विस्फोटक या हथियार लेकर आसानी से स्टेशन में घुस सकता है। सिरसा स्टेशन से रेलगाड़ी राजधानी दिल्ली, पाकिस्तान सीमा से सटे जिले फिरोजपुर व फाजिल्का तक जाती हैं। हर रोज हजारों यात्रियों का आवागमन सिरसा स्टेशन पर होता है।

13 जवानों के सहारे सात स्टेशनों की सुरक्षा
पुलिस महानिदेशक कार्यालय से जारी आदेश के बाद जीआरपी ने रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। सिरसा रेलवे थाना क्षेत्र की जद में कालांवाली, बड़ागुढ़ा, सिरसा, कोटली, डिंग, भट्टू व आदमपुर रेलवे स्टेशन आता है। पुलिस थाने में प्रभारी सकतर सिंह सहित  कुल 23 कर्मचारियों का स्टाफ है।

जीआरपी के सीनियर अधिकारियों ने इन 23 कर्मचारियों में भी 10 कर्मचारियों को पंचायती चुनाव में ड्यूटी पर भेज दिया। ये कर्मचारी नारनौल में चुनावी ड्यूटी दे रहे हैं।

शुक्रवार को अलर्ट जारी हुआ तो महज 13 कर्मचारियों के कंधों पर सात रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आ गई है।

छह कर्मचारियों को सिरसा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में तैनात किया गया और अन्य स्टेशनों पर सुरक्षा के नाम पर एक-एक कर्मचारी की तैनाती करनी पड़ी। स्टेशनों पर एक कर्मचारी की तैनाती सुरक्षा के नाम पर महज दिखावे के सिवा और कुछ नहीं लग रही।
...ताकि सुरक्षा का विश्वास बना रहे
मेटल डिटेक्टर खराब पड़ा है और इसे ठीक करवाने लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। इसे ठीक करने के लिए चंडीगढ़ से मिस्त्री आएगा।

जहां तक इसे लगाने का प्रश्न है तो यात्रियों में सुरक्षा का विश्वास बना रहे और असामाजिक तत्व इसे लगा देखकर स्टेशन में प्रवेश करने से डरे, इसलिए इसे लगाना पड़ा। आशा है चंडीगढ़ बैठे सीनियर अधिकारी शीघ्र ही मेटल डिटेक्टर को ठीक करने के लिए मिस्त्री भेजेंगे। अजीत सिंह, आरपीएफ थाना इंचार्ज सिरसा
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