स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को एक शिकायत के आधार
पर भगत सिंह मार्केट स्थित दो मेडिकल स्टोरों पर छापामारी की। जांच के
दौरान दोनों दुकानों से कोई भी प्रतिबंधित दवाई नहीं मिली।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीआई संदीप गहलान की अगुवाई में मेडिकल स्टोर पर
करीब तीन घंटे रिकॉर्ड और दवाइयां जांची। डीआई संदीप गहलान ने बताया कि
उनको शिकायत मिली थी कि मंडी कालांवाली में दो दुकानों पर नशीली दवाइयां और
एमटीआई किट बेची जा रही हैं, जिसके आधार पर आज छापामारी की गई, लेकिन इन
दोनों दुकानों से ऐसी कोई भी चीज नहीं मिली हैं।
उन्होंने बताया कि लोगों
के अनुसार मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाइयां कम बेची जाती हैं, बल्कि गांवों
में व बाजार में अन्य दुकानों पर नशीली दवाइयां ज्यादा बेची जा रही हैं।
लोगों के अनुसार गांव में बाइकर्स आकर ऐसी दवाइयां बेचते हैं।
उन्होंने
बताया कि उनके द्वारा और सीआईए व पुलिस के साथ मिलकर भी हमारे विभाग द्वारा
छापामारी की जाती हैं। हमारी नजर ऐसे ही लोगों पर हैं, जो नशीली दवाइयों
का धंधा करते हैं। किसी भी नशीली दवा बेचने वाले व्यक्ति को बक्शा नहीं
जाएगा।
छापामारी दौरान डीआई संदीप गहलान ने मेडिकल संचालकों की एक बैठक सरकारी
अस्पताल में ली। बैठक में उन्होंने सभी संचालकों को निर्देश दिए कि वह अपने
स्टोरों पर अपना रिकॉर्ड दुरुस्त रखें और नशीली दवाई की बिक्री न करें।
मेडिकल संचालक बिना लाइसेंस के दवाई न बेचें।
उन्होंने कहा कि सरकार नशे की
बिक्री को लेकर काफी गंभीर व सख्त है यदि कोई भी संचालक व व्यक्ति नशीली
दवाइयां बेचते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने
कहा कि नशे पर काबू पाने के लिए वह ब्लॅाक स्तर पर संचालकों की प्रथम बैठक
ले रहे हैं इससे पूर्व वह जिलास्तर पर मेडिकल संचालकों की दो बैठके ले चुके
हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास नशीली दवाओं के बचने की शिकायतें आ रही
हैं।