एक माह के बाद शुक्रवार से शादियों के मुहूर्त शुरू होने जा रहे हैं। अब 15 जनवरी से 12 मार्च तक शादियों का जोर रहेगा उसके बाद 13 मार्च से 16 अप्रैल तक शादियों के मुहूर्त नहीं हैं।
करीब दो माह की इस अवधि में शहर के हर कोने के अलावा गांवों में भी शहनाइयों की गूंज सुनने को मिलेगी। शादियों के आयोजनों के लिए मैरिज पैलेसों की बुकिंग पहले से ही शुरू हो गई थी। आज मलमास समाप्त हो गए हैं। मलमास में शादियां नहीं होती।
एक माह से मलमास चल रहे थे, इसलिए कहीं भी शादी की शहनाइयां नहीं गूंजी, लेकिन अब शुक्रवार को शादियों के मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। 15 जनवरी से लेकर 12 मार्च तक शादियों के मुहूर्त लगातार बन रहे हैं। पंडित नीरज भारद्वाज ने बताया कि 13 मार्च से 16 अप्रैल तक शादियों के मुहूर्त नहीं बन रहे हैं।
इसी बीच 16 मार्च से 23 मार्च तक होला अष्टक लग रहा है, जिसमें शादियां कभी नहीं होती। आज मलमास समाप्त हो गया है, जो करीब एक माह से लगा हुआ था। उन्होंने बताया कि दो माह तक चलने वाले शादियों के मुहूर्त में 12 फरवरी को वसंतपंचमी का सबसे बड़ा मुहूर्त है।
15 जनवरी से 12 मार्च तक शादियों के लिए पहले से ही मुहूर्त निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। लोगों ने इस अवधि में शादियों को तय कर मैरिज पैलेस बुक करने शुरू कर दिए हैं।
इसके अलावा शादियों की अन्य तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। शुक्रवार से शहनाइयों की गूंज सुनने को मिलेगी। 12 मार्च से 16 अप्रैल तक मुहूर्त बंद रहेगा।
17 अप्रैल से नव संवत वर्ष तक फिर से शादियों के मुहूर्त बनेंगे। पंडित नीरज भारद्वाज ने बताया कि लोग शादियों के मुहूर्त निकलवाने के लिए पंडितों के पास आने लगे हैं। मलमास की समाप्ति को लेकर भी लोगों द्वारा कई दिनों से पूछताछ की जा रही थी।