संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बीए प्रथम वर्ष की छात्रा से छेड़छाड़ करने के मामले में सत्र अदालत ने दोषी युवक की सजा को बरकरार रखा है। निचली अदालत ने दोषी युवक को इस मामले में अगस्त 2019 को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोषी ने निचली अदालत के फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दे दी।
सत्र अदालत में पांच साल छह माह और 24 दिन तक इस मामले की सुनवाई हुई। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नितिन किनरा ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए बरकरार रखा। न्यायाधीश नितिन किनरा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि निचली अदालत द्वारा दोषी को उचित रूप से दंडित किया गया है। इस मामले में यह बात सामने आई है कि दोषी ने पीड़िता के साथ पहले भी इस तरह का कृत्य किया है। इसलिए दोषी की सजा को बरकरार रखा जाना चाहिए।
पुलिस 9 दिसंबर 2014 को पुलिस को दिए बयान में छात्रा ने बताया था कि वह फतेहाबाद के एक कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में पढ़ती है। 9 दिसंबर 2014 को वह कॉलेज से सिरसा आने के लिए बस पर सवार हुई। इसी दौरान विनोद कुमार नामक युवक भी इसमें सवार हो गया। छात्रा ने पुलिस को बताया कि विनोद उसे देखते ही अश्लील इशारे करने लगा। उसने तुरंत अपने पिता को फोन करके ये बात बताई। इसके बाद हरियाणा रोडवेज में कार्यरत पिता ने पुलिस को फोन करके घटना के बारे में बताया। छात्रा जब सिरसा बस स्टैंड पर पहुंची तो विनोद ने उसे पकड़ लिया और अश्लील हरकतें शुरू कर दी। जिससे पीड़ित छात्रा घबरा गई।
छात्रा ने पुलिस को बताया कि उक्त युवक पहले भी उसके साथ ऐसी हरकत कर चुका है। बदनामी के कारण वह चुप रही। शहर थाना पुलिस ने छात्रा का बयान दर्ज करके आरोपी विनोद के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। निचली अदालत ने विनोद कुमार को दोषी करार देते हुए तीन साल कैद की सजा सुना दी।