नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने सोमवार को चेतावनी दी कि 28 अक्तूबर को खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर एकत्र होकर उसे वाहनों के लिए फ्री किया जाएगा। इस दौरान सभी वाहनों की आवाजाही को टोल मुक्त किया जाएगा।
सोमवार को चोरमार के गुरुद्वारा साहिब में किसान नेता जसवीर सिंह भाटी व परमजीत सिंह माखा की उपस्थिति में किसानों की एक बैठक हुई। जिसमें काफी संख्या में किसान एकत्र हुए। बैठक में निर्णय लिया गया कि 28 अक्तूबर को खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर एकत्र होकर उसे वाहनों के लिए फ्री किया जाएगा। उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए किसान नेता जसवीर सिंह भाटी ने कहा कि सरकार ने कृषि कानून पारित कर किसानों के साथ अन्याय किया है। जिसे देश का किसान किसी कीमत पर सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो किसान हितैषी होने का दम भर रही है तो वहीं दूसरी तरफ कानून लागू कर किसानी खत्म करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कानून वापस नहीं ले लेती तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।
किसान नेता ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि इस मसले में कोई किसी प्रकार की राजनीति न करते हुए सभी लोग किसान हित के लिए एकजुट हों। अगर किसान पर आंच आती है तो सभी वर्ग ठप्प हो जाएंगे। वहीं परमजीत माखा ने कहा कि सभी ने एकजुट होकर सरकार की नीति का विरोध करना है। अगर हम सभी एकजुट रहेंगे तो सरकार को ये काले कानून वापस लेने को विवश होना पड़ेगा। वहीं मंजीत सिंह ओढां, मसीतां से एसपी सिंह, गुरप्रेम सिंह देसूजोधा व पंजाब से किसान यूनियन के अनेक सदस्यों सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने संबोधन में किसानों का एकजुट रहने की अपील की। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि पंजाब की तर्ज पर 28 अक्तूबर को खुईयां मलकाना टोल प्लाजा लोगों के लिए फ्री किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार दोहरी नीति अपनाकर लोगों की जेबें काटने पर तुली हुई हैं। क्योंकि पहले तो रोड टैक्स लिया जाता है और फिर टोल टैक्स लेते हैं। किसान नेता जसवीर सिंह भाटी ने उपस्थितजनों से कहा कि गांव-गांव में जाकर लोगों को जाकर जागरूक करें।