पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री हरदीप इंद्र सिंह बादल के नेतृत्व में राजस्थान के सैकड़ों किसानों ने वीरवार को हरियाणा के लोहगढ़ हेड पर धरना देते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। प्रशासनिक अधिकारी तहसीलदार वजीर सिंह के आश्वासन के बाद राजस्थान से आए किसानों ने करीब साढ़े तीन घंटे के बाद धरना समाप्त किया। किसानों की मांग थी कि करणी ब्रांच में अतिरिक्त पानी छोड़ा जाए।
धरनारत किसानों का कहना है कि लोहगढ़ हेड पर सरहिंद फीडर से करणी सिंह और सरदूल डिस्ट्रीब्यूटरी निकलती है। करणी सिंह ब्रांच से मटीली इलाके की हजारों एकड़ भूमि तक पानी पहुंचता है, जबकि सरदूल ब्रांच से सूरतगढ़ इलाके में पानी जाता है, जिससे राजस्थान के किसान सरसों की पैदावार करते हैं।
21 दिसंबर को राजस्थान सरकार ने बिना नोटिस दिए करणी सिंह ब्रांच बंद कर दी। लगातार सात दिन तक नहरबंदी के कारण सरसों उत्पादकों को नुकसान झेलना पड़ा, जिस कारण करीब 15 हजार किसानों के दबाव के बाद राजस्थान सरकार दो बंदी पर राजी हो गई, लेकिन अब करणी सिंह ब्रांच पर निर्भर किसान नुकसान की भरपाई करने के लिए सरकार से अतिरिक्त पानी की मांग कर रहे हैं। किसानों ने हरदीप इंद्र सिंह बादल के नेतृत्व में लोहगढ़ हेड पर धरना प्रदर्शन करते हुए पानी की मांग की। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डबवाली के तहसीलदार वजीर सिंह ने किसानों को आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया।
पिछले दिनों किसानों ने हनुमानगढ़ में सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर राज कुमार चौधरी को ज्ञापन सौंपकर सरहिंद फीडर से निकलने वाली करणी सिंह डिस्ट्रीब्यूटरी से सात दिन अतिरिक्त पानी देने की मांग करते हुए मंगलवार तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन लोहगढ़ हेड पर कोई भी अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा।
अल्टीमेटम समाप्त होने पर उन्होंने वीरवार को लोहगढ़ हेड पर अपना रोष जताया। प्रदर्शनकारी राजस्थान के किसान नेता जोतराम मारवाल ने बताया कि एक्सईएन से वार्ता कर उन्हें 13 जनवरी तक पानी देने के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया है। मौके पर गुरमीत सिंह वडिंग, जसविंद्र सिंह नुकेरा, पूर्व सरपंच राम कुमार नुकेरा, ताराचंद सहारण, बीके 89 अध्यक्ष लादूराम सहारण, राजपाल छाबा नुकेरा, दलीप सहारण, आत्माराम तरड़, सुरेश धारणियां सहित राजस्थान के अनेक गांवों के किसान शामिल थे।