सिरसा से विधायक गोपाल कांडा ने विधानसभा में किसानों के बीच बैठी काली भेड़ें कहने पर विवाद पैदा हो गया है। गुस्साए किसान नेताओं ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा विधायक को घर से न निकलने देने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर विधायक गोपाल कांडा का कहना है कि उन्होंने किसानों को नहीं बल्कि अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति करने वाले लोगों को काली भेड़ें कहा है।
किसान नेता रणधीर जोधकां ने शनिवार को जाट धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में कहा कि विधायक गोपाल कांडा ने अपना वजूद बचाने के लिए बीजेपी को सरेआम समर्थन दिया और आंदोलनरत किसानों को विधानसभा में ब्लैकशिप कहकर अपमानित करने का काम किया है। एक जनप्रतिनिधि को इस प्रकार की बातें शोभा नहीं देती। अगर 15 दिनों के अंदर गोपाल कांडा ने सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगी तो किसान उनके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने देंगे। जोधकां ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के मुंह से इस प्रकार की अशोभनीय बातें सुनकर बड़ा दुख होता है। क्योंकि इन लोगों को जनता ने अपनी आवाज उठाने के लिए विधायक चुना है, लेकिन सत्ता में आने के बाद ये लोग जनता के बीच आना भी पसंद नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि वे गांव-गांव जाकर विधायक गोपाल कांडा द्वारा किसानों के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे और ऐसे लोगों को गांवों में न घुसने देने का आह्वान करेंगे।
जोधकां ने कहा कि चाहे वो किसी भी पार्टी का विधायक या मंत्री क्यों न हो, जिसने भी सरकार का इन कानूनों को लेकर समर्थन किया है, सभी का सार्वजनिक तौर पर बहिष्कार किया जाएगा और ऐसे लोगों को गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा। इतना ही नहीं विधायक गोपाल कांडा ने सिरसा जिले के कई ऐसे लोगों के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप किए हैं, जिनका इन आरोपों से कोई लेना देना नहीं है। जोधकां ने कहा कि जजपा और निर्दलीय विधायक किसी न किसी केस में उलझे हुए हैं, जिसके कारण मजबूरन उन्हें सरकार का समर्थन करना पड़ रहा है। क्योंकि उन्हें पता है कि जिसने समर्थन नहीं किया, उसे तुरंत अंदर कर दिया जाएगा। इस मौके पर उनके साथ गुरविंद्र सिंह, रिछपाल सिंह, कुलबीर सिंह, रणजीत सिंह, विनोद ढाका, भूपेंद्र बैनीवाल, सुभाष बैनीवाल, अनिल बैनीवाल, दलेर चौहान, कुलदीप सहारण, सतपाल कुलडिय़ा, राकेश फूलकां व प्रिंस अरोड़ा उपस्थित थे।
किसानों को नहीं कहा काली भेड़ें : विधायक
विधायक गोपाल कांडा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा कि मेरा हलका और मेरे हलके की जनता ही मेरी प्राथमिकता है। सिरसा के विकास को गति देने के लिए भाजपा सरकार का साथ दिया और साथ हूं। जरूरतमंद कन्याओं के कन्यादान की रस्म पर बैठा था, कुछ गलत तो नहीं कर रहा था। मैं सिरसा के किसान, कमेरे, व्यापारी, मजदूर सभी वर्गों के साथ हूं, उनके विकास के लिए समर्पित हूं। पूरे भाषण में किसान भाइयों के लिए कोई अशोभनीय बात नहीं है, जो लोग निजी राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए भोलेभाले किसानों को भड़का रहे हैं कि उन्हें ब्लैकशिप यानी काली भेड़ कहा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों से घबराए विपक्षी लोग ही जनप्रतिनिधियों को गांव में घुसने से रोकने और घेराव जैसी बात कहते हैं। जोधकां गांव की गली-गली विधायक निधि से पक्की बन रही है। यह विकास है जो हजम नहीं हो रहा। कैरांवाली गांव में मैंने अपनी तरफ से दस लाख रुपये खाल निर्माण के लिए नकद दिए, क्या वो किसान और किसानी के लिए नहीं है?