संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों सीवरेज के मैनहोल के ढक्कन टूटे हुए हैं। इस ओर विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। अनाज मंडी से लेकर प्रमुख सड़कों और भीड़-भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों तक जगह-जगह टूटे और खुले पड़े मैनहोल से दुर्घटनाओं का खतरा है। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर ढक्कन टूट चुके हैं जबकि कुछ जगह मैनहोल पूरी तरह खुले पड़े हैं। इन पर किसी प्रकार की चेतावनी या सुरक्षा संकेतक तक नहीं लगाए गए हैं।
इस कारण वाहन चालकों व पैदल चलने वाले शहरवासियों के लिए सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। मंडी व बाजारों के व्यापारियों की मानें तो रात के समय यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है जब कम रोशनी में खुले मैनहोल दिखाई नहीं देते। पैदल चलने वाले नागरिकों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण बन गई है। कई बार लोग गिरते-गिरते बचे हैं जबकि छोटे हादसे हो चुके हैं।
मुख्य जगदेव चौक, कबीर चौक, आंबेडकर चौक के अलावा शहर के अलग-अलग स्थानों पर सीवरेज मैनहोल की स्थिति खराब बनी हुई है। दुकानदार राजेश कुमार, मोहन कुमार आदि का कहना है कि ग्राहक अक्सर इन टूटे ढक्कनों के कारण असहज महसूस करते हैं। इससे व्यापार पर असर पड़ रहा है। वहीं, वाहन चालकों को अचानक सामने आने वाले गड्ढों और खुले मैनहोल से बचने के लिए ब्रेक लगाने पड़ते हैं। इससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन नहीं देता है ध्यान
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों को कई बार शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर मरम्मत कार्य किए जाने का दावा किया जाता है लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। टूटे ढक्कनों को बदलने में देरी की जाती है। भारी वाहनों के गुजरने से ये ढक्कन टूट जाते हैं। इसलिए विभाग की ओर से बेहतर गुणवत्ता के ढक्कन लगाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न खड़ी हो।
कोटस
जहां भी सीवरेज के मैनहोल के ढक्कन टूटे हुए हैं। उन्हें बदलवा दिया जाएगा। टीम की ड्यूटी लगाकर मुख्य सड़क की जांच की जाएगी। जहां-जहां टूटे ढक्कन हैं सभी को बदल दिया जाएगा।
-रूपराम, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग।