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मैसेज कर प्राइवेट स्कूल मांग रहे है अभिभावकों से फीस

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सीएम को अभिभावकों द्वारा भेजा गया ट्वीट। - फोटो : Sirsa
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लॉकडाउन के चलते जिले के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। जिला शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को आदेश दिया था कि लॉकडाउन के चलते स्कूलों में न ही तो दाखिला करेंगे और न ही विद्यार्थियों से तीन माह तक की फीस लेंगे। निजी स्कूल आदेशों की अवहेलना कर परिजनों को बच्चों की फीस जमा करवाने के लिए मैसेज और ई-मेल कि जरिए संदेश भेज रहे हैं। जिसे लेकर जिले के अभिभावकों ने सीएम को ट्वीट कर इस मामले से अवगत करवाया। सीएम टीम ने जिले के शिक्षा विभाग को पत्र लिख इस मामले से अवगत करवाया, जिसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने दोबारा पत्र जारी कर निजी स्कूलों से लॉकडाउन अवधि तक की फीस न लेने और विद्यार्थी का नाम न काटने के आदेश जारी किए हैं।
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निजी स्कूल नए सत्र के शुरू होते ही अपने बच्चों को ऑनलाइन होमवर्क भेज रहे हैं ताकि लॉकडाउन में विद्यार्थी घर बैठकर अगली का पाठ्यक्रम शुरू कर सके। ऐसे में पाठ्यक्रम के साथ साथ अब अभिभावकों को संदेश भेजकर पहले तीन महीनों की फीस जमा करवाने के लिए बोला जा रहा है। फीस जमा करवाने के लिए निजी स्कूलों ने ऑनलाइन बैकिंग का सहारा लेते हुए बैंक खाता और आइएफसी कोड को संदेश के साथ भेज रहे हैं। साथ ही नोटिफिकेशन दी है कि फीस जमा करवाने के बाद उसका स्क्रीन शॉट स्कूल के नंबर पर व्हाट्एप्प पर भेजें। ताकि फीस जमा होने की पुष्टी हो सके।
अभिभावकों को इस संदेश ने मन में दुविधा उत्पन्न कर दी है कि जब अप्रैल माह में स्कूल खुले ही नहीं तो फिर स्कूल फीस क्यों मांगी जा रही हैं। सिरसा अभिभावक एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ मेहता ने बताया कि प्रतिदिन अभिभावकों के मैसेज आ रहे है कि शिक्षा विभाग ने तीन माह की फीस लेने की लिए मना किया है तो स्कूल प्रशासन फीस की मांग क्यों कर रहा है। उन्होंने बताया कि पैरेंट्स एसोसिएशन की और से भी जिले के स्कूलों को पत्र लिख पहले तीन माह की फीस माफ करने की मांग भी की जा रही है।
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निजी स्कूलों द्वारा फीस मांगने की शिकायत सामने आई है। निजी स्कूलों द्वारा तीन माह की फीस न लिए जाने को लेकर दोबारा आदेश जारी कर दिए गए है। स्कूल खुलने के बाद ही फीस ली जागी। अगर किसी स्कूल द्वारा फीस लेने का मामला सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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-आत्म प्रकाश मेहरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सिरसा।
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