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निजी अस्पताल ने बनाया 24 घंटे का 57 हजार रुपये बिल, किसानों ने किया हंगामा

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सिरसा। शहर में फ्लाईओवर के नीचे स्थित एक निजी अस्पताल ने 24 घंटे का 57 हजार बिल बनाने पर किसानों ने बुधवार देर शाम हंगामा कर दिया। अस्पताल में किसान नेता रणधीर जोधकां मंगलवार रात को छाती में संक्रमण होने पर भर्ती हुए थे। बुधवार को जब उन्हें छुट्टी दी गई तो अस्पताल प्रबंधन ने करीब 57 हजार रुपये का बिल थमा दिया। इसके बाद किसानों ने हंगामा कर दिया। अस्पताल प्रबंधन पर ज्यादा बिल बनाने और मरीजों को लूटने के आरोप लगाए। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस भी मौके पर पहुंची। देर रात डीसी ने किसानों और अस्पताल प्रबंधक के साथ बैठक की।
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किसान नेता लखविंद्र सिंह, मैक्स साहुवाला ने बताया कि मंगलवार रात को किसान नेता रणधीर जोधकां की तबीयत खराब हुई। उसे परिजनों ने फ्लाईओवर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। अस्पताल प्रबंधन ने उसे पहले कोविड वार्ड में भर्ती करवाया और इसके सैंपल लिए। सैंपल लेने और दवाइयां पर करीब 22 हजार रुपये का बिल बना दिया। कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद किसान नेता रणधीर जोधकां ने अस्पताल प्रबंधन को उसे डिस्चार्ज करने के लिए कहा। बुधवार को जब उन्हें डिस्जार्च किया जाने लगा तो अस्पताल प्रबंधन ने 57 हजार का बिल थमा दिया। इस पर किसान नेता ने दूसरे किसानों को सूचना दी और अस्पताल प्रबंधन पर मरीजों को लूटने के आरोप लगाए। किसान अस्पताल के बाहर पहुंच गए और अस्पताल के खिलाफ नारेबाजी की। एसएचओ जितेंद्र कुमार ने पुलिस के साथ पहुंचकर किसानों को शांत करवाया।
करीब रात आठ बजे के बाद उपायुक्त प्रदीप कुमार निजी अस्पताल में पहुंचे। साथ ही एसडीएम जयवीर यादव भी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी भी पहुंचे। अस्पताल में उपायुक्त ने किसानों और अस्पताल प्रबंधन को बुलाकर बैठक की। इसके बाद किसान लखविंद्र सिंह का कहना है कि आईएमए के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे बिल में जो भी गलती होगी, उसे ठीक करवाया जाएगा। इसलिए विरोध प्रदर्शन खत्म किया गया।
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