बीपीआईयू में एबीआरसी व क्लस्टर हेड की ओरिएंटेशन पूरी, 23 अप्रैल तक 1600 शिक्षकों को प्रशिक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में निपुण हरियाणा मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बीपीआईयू (ब्लॉक प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन यूनिट) स्तर पर सभी एबीआरसी (असिस्टेंट ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) तथा क्लस्टर हेड की ओरिएंटेशन करवा दी गई है।
अब अगले चरण में 23 अप्रैल तक जिले के सभी क्लस्टरों में शिक्षकों की ओरिएंटेशन पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान के तहत करीब 1600 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे कक्षा में बच्चों को बेहतर और गतिविधि-आधारित तरीके से पढ़ा सकें। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को निपुण मिशन के उद्देश्यों, लर्निंग आउटकम्स और बच्चों की बुनियादी साक्षरता व गणनात्मक कौशल विकसित करने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।
23 मई तक निपुण बनाने का लक्ष्य
जिले के विभिन्न क्लस्टरों में अभी भी कई बच्चे निपुण स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे बच्चों की पहचान कर विशेष फोकस के साथ उन्हें 23 मई तक निपुण बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शिक्षकों को अलग से रणनीति बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जो बच्चे निर्धारित समय तक निपुण हो जाएंगे, उनकी माताओं को सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ भी मिल सकेगा। इससे अभिभावकों की सहभागिता बढ़ेगी और वे भी बच्चों की पढ़ाई में रुचि लेंगे।
जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर पर तय की जिम्मेदारियां
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला, ब्लॉक और विद्यालय स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं। संबंधित अधिकारी समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे और कार्यक्रम की प्रगति की निगरानी करेंगे। प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की प्रगति का रिकॉर्ड क्लास टीचर द्वारा रखा जाएगा ताकि निरंतर समीक्षा संभव हो सके।
कार्यक्रम पूरी तरह रहेगा लर्निंग फोकस्ड
कार्यक्रम की खास बात यह है कि शिक्षण को पूरी तरह आकर्षक, रोचक और ज्ञानवर्धक बनाया जाएगा। खेल-आधारित शिक्षण विधियों को अपनाया जाएगा। साथ ही स्थानीय परिवेश से जुड़ीं गतिविधियां, समूह कार्य और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ाई जाएगी।
हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों पर रहेगा फोकस
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक कक्षा के लिए विषयवार पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बच्चों को पढ़ने, लिखने, समझने और गणना करने की बुनियादी क्षमताओं को विकसित किया जाएगा।
वर्जन
सभी शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित योजना के अनुसार कार्य करें और विशेष रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही अभिभावकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि बच्चों को बेहतर सीखने का माहौल मिल सके।
- डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेटर सिरसा।