सिरसा। कुरुक्षेत्र के डीएफएससी राजेश आर्य के साथ एक किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की ओर से किए गए दुर्व्यवहार की जिला कुम्हार सभा एवं सर्व समाज ने कड़ी निंदा की। इस संबंध में कुम्हार सभा ने शनिवार को बैठक की। इस घटनाक्रम की निंदा करते हुए जिला कुम्हार सभा सिरसा के प्रधान कुंभा राम सिंहमार ने कहा कि अपने आप को किसान नेता कहने वाला चढूनी किसान की आड़ में अपना उल्लू सीधा करने वाला व्यापारी है, जो अपने निजी लाभ के लिए अधिकारियों पर अनैतिक दबाव डालता है।
यदि कोई अधिकारी व कर्मचारी दबाव में नहीं आता उसको यह टारगेट करते हैं। जैसा कि राजेश आर्य के साथ किया गया। प्रधान सिंहमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि चढूनी किसानों के नाम पर अधिकारियों के साथ दादागिरी करना बंद करें नहीं तो पूरे प्रदेश का प्रजापति समाज सड़कों पर आने के लिए मजबूर होगा।
पिछड़ा वर्ग कल्याण महासभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष एवं कृषि शास्त्री प्रो. आरसी लिंबा ने कहा कि गुरनाम सिंह चढूनी ने एक ईमानदारी और सही ढंग से ड्यूटी कर रहे राजेश कुमार आर्य को जो थप्पड़ मारा है। वह वास्तव में आर्य को नहीं बल्कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मारा गया है, क्योंकि अधिकारी तो सरकार का कार्य करता है और सरकारी नीतियों की ही पालना करता है।
थप्पड़ कांड न केवल अनैतिक है, बल्कि यह सरकारी काम में गैरकानूनन बांधा भी है। ये कांड संतुलित दिमाग वाला किसान तो कभी नहीं करेगा। उन्होंने चढूनी को सलाह देते हुए आगाह किया कि वे इस कृत्य के लिए अधिकारियों से बिना शर्त माफी मांगकर इस मामले को यहीं खत्म कर दें। कहीं ऐसा ना हो कि यह मुद्दा पिछड़ा बनाम गैर पिछड़ा बन जाए, जैसा कि 2016 में हुआ था।
प्रो. लिंबा ने सरकार से मांग की है कि वे इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। इस अवसर पर उप प्रधान जीत सिंह जलंधरा, पृथ्वी मलेठिया, गगनदीप जलंधरा, डाॅ. बृज मोहन गेदर, विक्रम मिस्त्री, पृथ्वी नागर, दिलप्रीत सेठी, राकेश केलनियां, कुलदीप आदि मौजूद रहे।