प्रदेश का एकमात्र संपूर्ण साक्षर चकजालू ऐसा गांव बन गया
है, जहां प्रत्येक घर में जामुन का पौधा लगा है। गांव के हर घर में पौधा
लगाने का अभियान तीन साल से चला आ रहा था। इसके पीछे प्रमुख कारण है कि
जामुन औषधीय पौधों की तरह है। यह शुगर में सबसे अधिक लाभदायक है। इसलिए
जामुन के पौधे लगाए गए हैं।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक पालविंद्र शास्त्री, प्रेरक
अमरजीत, पूर्व सरपंच देवीलाल, ग्राम पंचायत, विद्यालय स्टाफ, युुवा क्लब और
स्काउट एंड गाइड ग्रुप ने करीब तीन साल पहले गांव के सभी घरों में पौधे
बांटने शुरू किए थे। ग्रामीणों को पौधारोपण का महत्व समझाया।
इस पर
ग्रामीणों ने पौधे लगाने शुरू कर दिए। पौधों की जिम्मेदारी संबंधित परिवार
के बच्चों को दी गई। कुल 169 घरों में पौधारोपण हुआ। 23 घर ऐसे निकले,
जिनमें लगाए गए पौधे जल गए थे। करीब एक सप्ताह पूर्व हुए सर्वे में यह बात
सामने आई। टीम ने पुन: उपरोक्त घरों में पौधे लगाए।
अब गांव चकजालू में एक
भी घर ऐसा नहीं है, यहां पौधा न लगा हो। मुख्याध्यापक पालविंद्र शास्त्री
ने बताया कि यह गाव दूसरे गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। अगर इस
तरह प्रत्येक व्यक्ति अपने घरों व खेतों में पेड़ लगाए एवं उसकी देखभाल करे
तो जिला सिरसा ही नहीं पूर्ण हरियाणा प्रदेश हरा भरा हो जाएगा। पेड़ों की
संख्या बढ़ने से वर्षा भी अधिक होगी जिसका लाभ किसानों को मिलेगा।
वातावरण
शुद्ध होगा व हर व्यक्ति चैन की सांस ले सकेगा। उन्होंने बताया कि अब गांव
की मेन सड़कों, रास्तों पर फल, छायादार और फूलों वाले पौधे लगाने पर विचार
किया जा रहा है। पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल के लिए जालियां लगवाई
जाएंगी, जिससे गांव की सुंदरता को चार चांद लगेंगे। इस मौके पर सरपंच बिमला
देवी, पूर्व सरपंच देवीलाल, जगदीश, संसार, राम निवास, युवा क्लब प्रधान
अमरजीत, वन विभाग की ओर से वन रक्षक राजबीर सिंह उपस्थित थे।
ग्राम पंचायत के पास जमीन न होने के कारण आमदनी के साधन नहीं हैं। इसलिए वन
विभाग से अनुरोध किया जाएगा कि गांव पंचायत को जरूरत अनुसार जालियां
उपलब्ध करवाई जाएं। इसके अलावा विद्यालय स्टाफ, युवा क्लब, ग्राम पंचायत
सिरसा के उपायुक्त से मिलकर अनुरोध करेंगे कि वे इस गांव को गोद लें, ताकि
गांव का समुचित विकास हो सके, ताकि चकजालू हरियाणा राज्य का प्रतिनिधित्व
करते हुए पूरे देश के लिए पर्यावरण के प्रति प्रेरणास्रोत बने।
पालविंद्र शास्त्री, मुख्याध्यापक
जामुन का पौधा ही क्यों
मुख्याध्यापक पालविंद्र शास्त्री के अनुसार गांव में 169 मकान हैं।
प्रत्येक मकान में जामुन का पौधा लग गया है। जामुन औषधीय पौधों की तरह है।
यह शुगर में सबसे लाभदायक है। इसलिए जामुन के पौधे लगाए गए हैं।