डबवाली। अठाई के बाद साध्वियों का आर्शीवाद लेते हुए पूजा जिंदल। संस्था।
डबवाली। भूषण जिंदल की पुत्रवधू पूजा जिंदल ने अठाई तप का सातवां दिन वीरवार को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस उपलक्ष्य में वीरवार सुबह कथा के दौरान जैन स्थानक में उनकी तपस्या की अनुमोदन और मेहंदी की रस्म संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर जैन महासाध्वी सुव्रत प्रभा महाराज ने पूजा जिंदल को आशीर्वाद देते हुए उनकी दृढ़ता और समर्पण की सराहना की और तप के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
सुव्रत प्रभा महाराज ने कहा कि तप का वास्तविक अर्थ शारीरिक कष्ट नहीं, बल्कि आत्म-शुद्धि है। जब हम भोजन और जल का त्याग करते हैं, तो हम अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करते हैं और अपनी आत्मा के करीब आते हैं। यह तप हमें सिखाता है कि जीवन में सच्ची शांति भौतिक सुखों में नहीं, बल्कि आत्मिक शक्ति में निहित है।
उन्होंने कहा कि पूजा जिंदल की यह तपस्या न केवल उनके लिए बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी एक प्रेरणा है। भूषण जिंदल ने कहा कि पहले उनकी बड़ी पुत्रवधू प्रियंका जिंदल ने भी अठाई की थी, अपनी जेठानी से प्रेरित होकर अब पूजा ने भी सफलतापूर्वक अठाई तप किया है। जैन सभा प्रधान सुभाष जैन पप्पी व महासचिव राजेश जैन ने बताया कि अठाई तप जैन धर्म में आठ दिनों तक किया जाने वाला एक उपवास है।
इसमें भक्त भोजन त्याग करते हैं आठ दिनों तक केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक जल ग्रहण करते हुए स्वयं को शारीरिक व मानसिक रूप से अनुशासित करते हैं। उन्होंने बताया कि जैन सभा में प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 9 बजे तक जैन साध्वियों के प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।