बरसात में बाइक पर छाता पकड़कर जाते हुए युवक।
- फोटो : Sirsa
शुक्रवार दोपहर को सिरसा में हुई हल्की बारिश ने शहरवासियों को सर्दी आने का एहसास करवा दिया। वहीं हल्की बरसात से प्रदूषण में कमी आई है। शुक्रवार शाम को प्रदूषण का स्तर एक्यूआई 340 रहा। जबकि दोपहर को बारिश से पहले एक्यूआई 350 तक पहुंच गया था। बारिश और हवाओं से प्रदूषण का नीचे गिरा। जबकि वीरवार को प्रदूषण का एक्यूआई 356 था। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हिसार क्षेत्र के वैज्ञानिक सुनील श्योराण ने बताया कि अभी सिरसा में धान की फसल कटनी शुरू ही हुई है। लेकिन पराली जलाई नहीं जा रही। यह प्रदूषण दूसरे जिलों में जलाई गई पराली के कारण हुआ है। जिसका असर सिरसा में हो रहा है। प्रदूषण के कारण सिरसा में लोगों को सांस लेने में दिक्कतें आ रही हैं।
धान को नुकसान दायर है बारिश
हल्की बरसात के कारण किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई। धान की फसल पक चुकी है। शुक्रवार को हुई इस बारिश से धान की फसल को नुकसान है। धान की परमल, 1509 व बासमती किस्म काटने के लिए बिल्कुल तैयार है। लेकिन इस बारिश के कारण अब किसानों को पक्की फसल को काटने के लिए थोड़े दिन और इंतजार करना पड़ेगा। मंडी में आई धान की फसल को शाम को हुई बरसात से भीग गई जिससे खरीद कर चुकी प्राइवेट एजेंसी को नुकसान हो रहा है।
18 अक्तूबर, 352
17 अक्तूबर, 340
16 अक्तूबर, 312
15 अक्तूबर, 241
14 अक्तूबर, 274
13 अक्तूबर, 137
12 अक्तूबर, 137
सिरसा में धान की फसल पिछेती है। दूसरे जिलों में धान की फसल अगेती है। दूसरे जिलों में पराली जलाने के कारण सिरसा की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है।
-सुनील श्योराण, वैज्ञानिक, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड हरियाणा।