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Sirsa News: सुबह-शाम बढ़ा प्रदूषण, लोगों का फुलने लगा दम, अब तक जिले में पराली जलाने के लिए 7 केस मिले

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सिरसा। दिवाली के बाद मौसम में तेजी से बदलाव के कारण सिरसा में वायु गुणवत्ता प्रभावित हुई है। सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 184 दर्ज किया गया। नागरिक अस्पताल में सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़कर प्रतिदिन लगभग 50 पहुंच गई है। आमतौर पर अस्पताल में केवल 10-15 मरीज ही आते थे।
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विशेष रूप से सुबह और शाम के समय बुजुर्ग और बच्चे स्मॉग के कारण अधिक प्रभावित हो रहे हैं। प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों के धुएं के साथ-साथ धान की कटाई और मंडियों में धान के झार हैं, जो मिट्टी के कणों के साथ मिलकर वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। दिवाली के बाद एक्यूआई का स्तर बिगड़ गया है। शनिवार को यह 200, रविवार को 174 और सोमवार को 184 दर्ज किया गया। दिन के समय, जब तापमान 30 डिग्री से ऊपर होता है, तब लोगों को कुछ राहत मिलती है, लेकिन हवा के बहाव की कमी के कारण प्रदूषण का असर बढ़ा हुआ है। कृषि अधिकारियों के अनुसार नवंबर में धान की कटाई और बुआई तेजी से होगी, जिससे पराली जलाने के मामले भी बढ़ सकते हैं। यदि यह बढ़ता है तो प्रदूषण और बढ़ जाएगा।
वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर के आसपास पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़े थे और कई गांव रेड और येलो जोन में आ गए थे। इस बार 780 कर्मचारियों और अधिकारियों की टीम फील्ड में होने के बावजूद अब तक 7 मामले सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नवंबर माह में पराली जलाने के मामलों में वृद्धि या कमी जल्द ही स्पष्ट हो जाएगी। यदि मामले बढ़ते हैं, तो इसका असर वायु गुणवत्ता पर और अधिक देखने को मिलेगा।
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