सिरसा। अपराध रोकने के लिए पुलिस चौबीस घंटे तत्पर है। लेकिन पुलिसकर्मियों को अपनी आधारभूत सुविधाओं के लिए भी भटकना पड़ रहा है। हालांकि तीन थाने नई बिल्डिंग में है। लेकिन यातायात थाना और पुलिस चौकियां अभी भी स्थायी भवन के लिए इंतजार में है। कई चौकियां तो ऐसी है जो खस्ताहाल इमारत में काम करने को मजबूर है। यातायात थाना स्थायी इमारत के लिए भटक रहा है और तीन बार थाना को एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदला जा चुका है।
जब कोई अपराध होता है तो पुलिस को याद किया जाता है। किसी को घर से निकाल दिया जाए तो पुलिस आकर मदद करती है। किसी की जमीन पर कब्जा हो जाए तो पुलिस ही याद आती है। चोरी, डकैती रोकने के लिए पुलिस तत्पर है। लेकिन पुलिस थाना के लिए ही अभी तक अपनी स्थायी जगह नहीं है। ऐसे में थानों को एक जगह से दूसरी जगह बार-बार शिफ्ट करना पड़ रहा है। इसके अलावा चौकियां भी ऐसी है, जिन्हें या तो किसी कॉलोनी के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों में चलाया जा रहा है तो कहीं खस्ताहाल इमारत में।
यातायात थाना : तीन बार बदलने के बाद भी नहीं मिली स्थायी जगह
एक समय में यातायात थाना बरनाला रोड स्थित बिजली घर के बाहर स्थापित था। इसके बाद उसे बदलकर कहीं अन्य स्थानांतरित कर दिया। क्योंकि छोटी सी दुकान खाली करनी थी। इसके बाद यातायात थाना को हिसार रोड पर बीज भंडार के पास ले जाया गया। लेकिन यहां से भी कुछ साल बाद इस बिल्डिंग को खाली करना पड़ा। अब ट्रैफिक थाना को सबसे पहले पुराने उपायुक्त निवास वाले वाले पुरानी कचहरी रोड पर भेजा गया है। इससे पहले इसी भवन में सदर थाना और सिविल लाइन थाना भी लाया गया था। लेकिन अभी तक यातायात थाना को अपने लिए स्थायी जगह नहीं मिल पाई है।
जेजे कॉलोनी चौकी : दुकानों में चल रहा कामकाज
जेजे कॉलोनी चौकी सिविल अस्पताल के पास सी ब्लॉक में है। चौकी कॉलोनी के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों में संचालित की जा रही है। यहां पुलिसकर्मियों के लिए ना तो रात को सोने के लिए पर्याप्त जगह है और ना ही हवालात आदि बनाने के लिए सुरक्षित स्थान है। दुकानों में चौकी का कामकाज करीब 20 वर्ष से चल रहा है। पुलिस विभाग और प्रशासन अभी तक चौकी के लिए स्थायी जगह भी नहीं ढूंढ पाया है।
कीर्ति नगर चौकी : खस्ताहाल भवन में चल रहा काम, पुलिस परेशान
कीर्ति नगर चौकी को बेगू रोड स्थित शाह सतनाम चौक के पास पुरानी खस्ताहाल कंडम भवन में संचालित किया जा रहा है। पुलिसकर्मी कच्ची छत वाले कमरों में बैठकर काम करते हैं। बारिश के दिनों में पुलिसकर्मियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। छतें टपकती है। चौकी रोड से नीचे होने के कारण यहां पर जलभराव की स्थिति भी बन जाती है।