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हवा में घुला जहर : फेफड़ों का निकला दम...राेज दो सिगरेट जितना धुआं पी रहे हम

Wed, 20 Nov 2024 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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नागरिक अस्पताल में मरीज की आखों की जांच करते हुए डॉ. संदीप । संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा।
दो सप्ताह में प्रदूषण का स्तर बहुत तेजी से बढ़ा है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 310 रहा। प्रदूषण का यह स्तर किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। चिकित्सकों की मानें तो सांसों के माध्यम से एक स्वस्थ व्यक्ति इन दिनों 24 घंटे में दो सिगरेट के बराबर धुंआ अपने शरीर में ले रहा है जो बेहद घातक है। मौसम को देखते हुए चिकित्सकों ने बुजुर्गों और बच्चों को घर के भीतर ही रहने की सलाह दी है।
आलम यह है कि नागरिक अस्पताल में छाती रोग, नेत्र रोग और बाल रोग विशेषज्ञों की ओपीडी 30 प्रतिशत बढ़ गई है। वहीं, पराली जलाने के दो दिनों में 36 मामले सामने आए हैं। सोमवार को पराली जलाने के 19 मामले सामने आए और 17 पराली जलाने की लोकेशन मंगलवार को प्राप्त हुई है। मल्लेकां के जिस एरिया में किसान धरनारत थे। उसके आसपास के गांवों में सबसे ज्यादा लोकेशन पराली जलाने की प्राप्त हुई है। वहीं, कृषि विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के लिए पराली के धुएं को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। -
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एक दिन में ही 220 से 310 हो गया एक्यूआई
चिकित्सकों का मानना है कि हवा में फैले धुएं के कारण की हवा विषैली हो रही है। चिकित्सक डॉ. अमित कंबोज के अनुसार एक व्यक्ति औसतन दो सिगरेट के धुएं के बराबर धुआं सांसों से ले रहा है। प्रदूषण के कारण नागरिक अस्पताल में आखों में जलन, आखों में लालपन, छाती रोग विशेषज्ञ के पास सांस के मरीजों की संख्या पहले से बढ़ गई है। जिले में सोमवार को एक्यूआई 220 दर्ज किया गया था तो मंगलवार को एक्यूआई 310 पहुंच गया। जबकि सुबह साढ़े बजे के आसपास अधिकतम 449 एक्यूआई देखने को मिला था।





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इस प्रकार करें बचाव

- आंखों को धुएं और प्रदूषित हवा से बचाने के लिए चश्मों का इस्तेमाल करें।

- सुबह की सैर करने से परहेज करें।

- जलन होने पर आंखों को ठंडे पानी से धोएं।

- चिकित्सक से परामर्श के बाद ही दवा लें।

- बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें।
-बाहर निकलें तो मास्क लगाकर निकलें।
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इस प्रकार रहा है दो सप्ताह में प्रदूषण का स्तर
7 नवंबर - 233
8 नवंबर - 184

9 नवंबर - 177

10 नवंबर - 154

11 नवंबर - 185

12 नवंबर - 195

13 नवंबर - 259

14 नवंबर - 357

15 नवंबर - 308

16 नवंबर - 317

17 नवंबर - 167

18 नवंबर - 220

19 नवंबर 309

कोट्स
हवा में प्रदूषण के कारण बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार , गला दर्द के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। छोटे बच्चों में सांस की समस्या के कारण भी लोग अस्पताल में आ रहे हैं। पहले के मुकाबले 25 से 30 मरीजों में बढ़ोतरी हुई है।
भरत भूषण, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल

कोट्स

नागरिक अस्पताल में आंखों में खारिस, पानी आना, लाल होना और आंखों में जलन की समस्या से परेशान लोग नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं। आंखों के चिकित्सक के पास बीते एक सप्ताह से आखों के मरीजों की ओपीडी में 30 फीसदी ओपीडी की बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां मरीजाें की संख्या 70 के करीब रहती थी इन दिनों वह बढ़कर 100 के पार हो गई है। - डॉ. संदीप, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल सिरसा।
फोटो 8

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कोट्स
ओपीडी में पहले के मुकाबले 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सांस की समस्या , निमोनिया, एलर्जी के मरीज आ रहे हैं। पहले जहां 90 के करीब ओपीडी रहती थी, वहीं, अब ओपीडी 120 के करीब पहुंच गई है। मरीजों में युवा और बुजुर्ग ज्यादा आ रहे हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को इंडोर में ही रहने की सलाह दे रहे हैं।
डा. अमित कंबोज, छाती रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल सिरसा। फोटो -10
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कोट्स
पराली प्रदूषण की लोकेशन भी दो दिनों से बढ़ी है। इसकी जांच की जा रही है। तापमान में गिरावट के कारण ओस के साथ मिलकर हानिकारक कण वातावरण में रह जाते हैं जो आम आदमी के लिए हानिकारक होते है। तेज हवा और बारिश ही इस मौसम को साफ कर सकती है।
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विनोद बाल्याण, आरओ, पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड।
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कोट्स
पराली प्रदूषण की लोकेशन दो दिनों में तेजी से बढ़ी है। इनकी जांच की जा रही है। सोमवार की 19 लोकेशन में से 6 ही सही पाई गई थी। मंगलवार की लोकेशनों की जांच की जा रही है।
डा. सुखदेव सिंह कंबोज, कृषि उप निदेशक
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