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प्रदेश में जान जोखिम में डालकर अभ्यास कर रहे खिलाड़ी : सैलजा

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सिरसा। सांसद कुमारी सैलजा ने बयान जारी करते हुए कहा कि रोहतक में अभ्यास के दौरान बास्केटबाल का भारी पोल गिरने से 17 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर के उभरते खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत होना अत्यंत हृदय विदारक घटना है। उन्होंने कहा कि हार्दिक जैसे प्रतिभाशाली युवा की असमय मृत्यु पूरे प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है। प्रदेश में खिलाड़ी जान जोखिम में डालकर अभ्यास कर रहे हैं।
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यदि रखरखाव या निगरानी में कहीं भी लापरवाही हुई है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।सांसद ने कहा कि यह हादसा केवल एक दुर्घटना भर नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में खेल अधोसंरचना और सुरक्षा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर प्रश्न उठाता है।
समय पर रखरखाव, उपकरणों की जांच और निगरानी की कमी ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को जोखिम में डाल दिया है। सरकार और खेल विभाग की यह जिम्मेदारी है कि खिलाड़ी सुरक्षित वातावरण में प्रशिक्षण ले सकें, लेकिन हाल के वर्षों में स्टेडियमों के रखरखाव में निरंतर लापरवाही देखने को मिल रही है। सांसद ने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि जो प्रदेश मात्र दो प्रतिशत आबादी होने के बावजूद देश के 33 प्रतिशत से अधिक ओलंपिक, एशियाई और कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल जीतता हो, वहां खेल सुविधाओं का जर्जर होना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है।
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चौधरी दलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम के हालात भी खराब
कुमारी सैलजा ने कहा कि यह स्थिति केवल रोहतक तक सीमित नहीं है। सिरसा जिले में स्थित चौधरी दलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम की हालत लंबे समय से बेहद खराब बनी हुई है। उपकरणों की खराबी, टूटी-फूटी बुनियादी सुविधाएं और अव्यवस्थित रखरखाव खिलाड़ी-हितों के बिल्कुल विपरीत है। इसी तरह शहीद भगत सिंह स्टेडियम, सिरसा का दौड़ ट्रैक और ग्राउंड उपेक्षा के चलते बुरी तरह नुकसान में है। डबवाली का खेल स्टेडियम भी वर्षों से मरम्मत और उन्नयन की प्रतीक्षा कर रहा है। इन सभी स्थानों की स्थिति यह साबित करती है कि प्रदेश में खेल सुविधाओं के रखरखाव के लिए गंभीरता नहीं बरती जा रही।

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स्टेडियमों की जांच करवाकर व्यवस्था दुरुस्त करे सरकार
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हार्दिक राठी की मौत ने व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी खेल स्टेडियमों की जांच होनी चाहिए, जहां पर लापरवाही बरती जा रही है। संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदेश के सभी स्टेडियमों का सुरक्षा ऑडिट करवा कर तत्काल सुधार कार्य शुरू किए जाएं, ताकि आगे कोई भी खिलाड़ी ऐसी दुर्घटना का शिकार न बने।
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