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आंगनबाड़ी वर्कर को प्ले स्कूल का प्रशिक्षण दिया पर सुविधाएं नहीं

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आंगनबाड़ी केंद्र। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत कई आंगनबाड़ियों को प्ले स्कूलों में बदलकर छोटे बच्चों केे पढ़ाने की तैयारी की जा रही है। बच्चों के लिए बनाए गए प्ले स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं कमी इस योजना में बाधा बन सकती है। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के पास भवनों की कमी है। अधिकतर केंद्र किराये के भवन में चल रहे हैं। इन भवनों का किराया तक समय पर नहीं चुकाया जा रहा है।
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महिला एवं बाल विकास विभाग ने केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत प्ले स्कूल बनाने के लिए 1377 में से मात्र 198 आंगनबाड़ी केंद्रों को ही चुना है। इसके लिए वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ट्रेनिंग के पश्चात विभाग ने आंगनबाड़ी में प्ले स्कूल के मॉडल तैयार करने आदेश दिए है लेकिन प्ले स्कूल से संबंधित सामान तक नहीं दिया गया है। विभाग के आदेश है कि बच्चों को पढ़ाने का कार्य शुरू करवाया जाए लेकिन उन्हें आंगनबाड़ी ना बुलाएं, वर्कर्स में असमंजस की स्थिति है।
जिला में यह है आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति
जिले में आठ खंड हैं, जिनमें 1377 आंगनबाड़ी केंद्र बने हैं। इनमें से 752 आंगनबाड़ी केंद्र महिला एवं बाल विकास विभाग के भवन में चल रहे हैं। 133 केंद्र अन्य विभागों के सरकारी भवनों में चल रहे हैं। इसके अलावा 311 केंद्र चौपालों, धर्मशालाओं, गुरुद्वारों व मंदिरों में, 181 आंगनबाड़ी भवन किराये पर व अन्य स्थानों पर विभाग द्वारा चलाए जा रहे हैं।
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यह होगा 3 से 6 साल के बच्चों को मिलना है लाभ
आंगनबाड़ी केंद्रों की जगह चलने वाले प्ले स्कूलों में विभिन्न गतिविधियां करवा बच्चों की पढ़ाई की नींव रखी जाएगी। नई शिक्षा नीति के तहत प्ले स्कूल के रूप में तैयार होने वाली आंगनबाड़ी में 3 से 6 साल तक बच्चों को लाभ मिलेगा। इन प्ले स्कूलों को एनजीओ द्वारा चलाया जाएगा। जिले में 3 से 6 साल के बच्चों की संख्या करीब 14000 है।
मांगों को लेकर वर्कर्स है हड़ताल पर
आंगनबाड़ी वर्कर्स मांगों को लेकर बीते बुधवार से लघु सचिवालय के समक्ष धरना लगाकर बैठी है। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी को प्ले स्कूलों में तबदील कर उन्हें एनजीओ को सौंपा जा रहा है। ऐसे में सरकारी केंद्रों को एक तरह से निजीकरण हो जाएगा। सरकार पहले ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वेतन व किराया समय पर नहीं दे रही।
प्ले स्कूल के लिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 198 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में तबदील किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांग केंद्र सरकार से है, जिला स्तर पर इसका कोई विरोध नहीं है।
-डॉ. दर्शन सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सिरसा।
प्ले स्कूल की ट्रेनिंग देकर विभाग ने बच्चों को पढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर चार कोर्नर बनाकर पढ़ाने के आदेश दिए है, साथ ही कहा कि बच्चों को केंद्र में ना बुलाएं। प्ले स्कूल को एनजीओ चलाएगी जो निजीकरण की ओर पहला कदम है। आंगनबाड़ी केंद्रों में आज भी सुविधा का अभाव है। कार्यकर्ताओं को ना तो वेतन समय पर मिलता है और ना ही सामान।
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-मनप्रीत कौर, जिला प्रधान, आंगनबाड़ी वर्कर, हैल्पर्स यूनियन सिरसा।
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