खबर का असर वार्डवासियों की आपत्ति के बाद विभाग ने लिया सुधारात्मक कदम, गुणवत्ता की भी उठाई मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद। तलवाड़ा रोड से हनुमानगढ़ रोड मिनी बाईपास तक बिछाई जा रही भूमिगत पेयजल पाइपलाइन का रूट बदल दिया गया है। यह बदलाव संवाद न्यूज एजेंसी की अमर उजाला में प्रकाशित खबर और वार्डवासियों की आपत्ति के बाद हुआ है। विभाग ने विवादित स्थल पर चल रहे निर्माण कार्य को रोककर यह सुधारात्मक कदम उठाया।
पहले पाइपलाइन को सीधे मैनहोल के अंदर से निकाला जा रहा था। इस पर वार्डवासियों ने तकनीकी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद विभाग ने मौके पर बने मैनहोल को हटा दिया। पाइपलाइन को मैनहोल के नीचे से घुमाव देकर निकालने का कार्य किया गया।
स्थानीय लोगों ने विभाग के इस कदम को सकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि इससे संभावित तकनीकी समस्या दूर हो गई है। वार्डवासियों ने निर्माण कार्य में सुधार के साथ-साथ गुणवत्ता मानकों का भी पूरा ध्यान रखने की मांग की।
उन्होंने पाइपलाइन दबाते समय उसके ऊपर और आसपास केवल रेतीली मिट्टी का प्रयोग करने पर जोर दिया। पाइपलाइन के पास पत्थर, ईंटों का मलबा या अन्य कठोर सामग्री डालने से भविष्य में पाइप क्षतिग्रस्त होने और लीकेज की संभावना बनी रहती है।
नए सीवर मैनहोल की मांग
इस अवसर पर सुरेंद्र मौर्य, अमर सिंह पवार, बंसी खींची, भानीराम सोढ़ी, नानकराम जुलावा और देवीलाल सहित अन्य वार्डवासियों ने क्षेत्र में एक नए सीवर मैनहोल के निर्माण की मांग भी उठाई। वार्डवासियों ने बताया कि यहां सीवर मैनहोल बनाने की मांग पहले भी की जा चुकी है लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सीवर मैनहोल के लाभ
वार्डवासियों का कहना है कि आवश्यकतानुसार नया सीवर मैनहोल बन जाए तो आसपास के घरों की सीवर लाइनें सीधे उससे जोड़ी जा सकेंगी। इससे लंबी दूरी तक सीवर पाइपलाइन बिछाने की जरूरत कम होगी। बार-बार सड़क की खोदाई से राहत मिलेगी और भविष्य में लीकेज जैसी समस्याओं को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा। लोगों ने विभाग से पेयजल पाइपलाइन निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
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