डबवाली। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर बिश्नोई समाज का सबसे बड़ा मेला लगता है। इस साल बीकानेर से 80 किलोमीटर दूर स्थित गुरु जंभेश्वर महाराज के समाधि स्थल मुकाम धाम में आठ से 12 मार्च तक मेला लगेगा। पांच दिन चलने वाले इस मेले में देश और विदेशों में रहने वाले समाज के लोग गुरु जंभेश्वर महाराज की समाधि पर मथा टेकेंगे।
बिश्नोई सभा डबवाली के सचिव इंद्रजीत बिश्नोई ने बताया कि इस बार इस मेले में करीब सात लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। इस बार नौ मार्च की शाम छह बजकर 18 पर अमावस्या लगेगी। अमावस्या की रात्रि का जागरण होगा। अमावस्या 10 मार्च को दोपहर 2:30 बजे उतरेगी। 10 मार्च की सुबह अमावस्या के दिन सूर्य उदय के साथ विशाल हवन-यज्ञ मुकाम समराथल धोरे पर होगा। मेला भी 10 मार्च को भरेगा। मुकाम में धोक लगाने के बाद बिश्नोई समाज के लोग यहां से तीन किलोमीटर दूर समराथल धोरे पर भी लोग पैदल पहुंचकर धोक लगाएंगे।
मेले के दौरान 1200 कार्यकर्ता संभालेंगे मोर्चा :
इंद्रजीत बिश्नोई ने बताया कि मुकाम मेले के दौरान गुरु जंभेश्वर सेवक दल के 1,200 कार्यकर्ता मेले में आने वाले लोगों की सेवा करेंगे ताकि मेले में आने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो। ये लोग सात मार्च को ही मुकाम पहुंच जाएंगे। जिला सिरसा से भी करीब 100 कार्यकर्ता सेवा के लिए जाएंगे। जंभेश्वर सेवक दल के कार्यकर्ता आठ मार्च से मोर्चा संभाल लेंगे। मेले के दौरान विशाल लंगर भी चलेगा जिसमें कार्यकर्ता अहम भूमिका निभाएंगे। कार्यकर्ता 12 मार्च तक यातायात, जूता स्थल, अधिवेशन, मेला बाजार, पंडाल आदि में लगातार सेवाएं देने के बाद 13 मार्च को अपने घरों के लिए रवाना हो जाएंगे।
खुला अधिवेशन 10 मार्च को
इंद्रजीत बिश्नोई ने बताया कि 10 मार्च सुबह 10 बजे से सभा स्थल मंदिर परिसर के पास पंडाल में अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा बिश्नोई समाज का खुला अधिवेशन होगा। महासभा के संरक्षक कुलदीप बिश्नोई, महासभा के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार बुडिया की देखरेख में हो रहे इस अधिवेशन में देशभर के श्रद्धालु आएंगे। इस बार मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को निमंत्रण दिया गया है।