रानियां। रानियां विधानसभा के गांव खारियां के लोगों ने लोकसभा चुनाव में आपसी भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश की है। जैसे ही शाम को छह बजे मतदान खत्म हुआ अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेता व कार्यकर्ता गांव के राजकीय विद्यालय के मतदान केंद्र के बाहर इकट्ठे हुए और आपसी भाईचारा कायम रखने की बात दोहराई।
खारियां गांव राजनीतिक रूप से हलके में एक अलग पहचान रखता है। गांव के पूर्व सरपंच सुभाष नैन ने बताया कि गांव की यह परंपरा है कि चुनाव के बाद भी यहां सभी लोग इकट्ठे और मिलजुल कर रहते हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को भुलाकर आपसी भाईचारे को महत्व देते हैं। उन्होंने बताया कि यह परंपरा आज की नहीं बल्कि गांव के पूर्वजों के समय से चली आ रही है। गांव में मतदान बिल्कुल शांतिपूर्ण होता है। यहां कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं होता। गांव के लोग इनेलो, भाजपा, कांग्रेस, जेजेपी सहित अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े हुए हैं। चुनाव प्रचार के वक्त सभी नेता व कार्यकर्ता अपने-अपने राजनीतिक दल के लिए लोगों से वोटों की अपील करते हैं।
इस दौरान राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भी रहती है, लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हो जाता है सब लोग भाईचारा कायम रखते हुए एक हो जाते हैं। इस लोकसभा चुनाव में भी ऐसा ही हुआ है।
गांव के आत्मा राम व जयपाल नैन ने बताया कि यह तो लोकसभा का चुनाव है, अगर गांव में पंचायत चुनाव व अन्य कोई भी चुनाव होता है तब भी माहौल ऐसे ही रहता है। चुनाव तक लोग बंटे होते हैं, लेकिन फिर बाद में एक हो जाते हैं। पंचायत के चुनाव में जितने भी प्रत्याशी चुनाव लड़ते हैं। अंत में जो प्रत्याशी जीतता है सभी हारे हुए प्रत्याशी उसके साथ चलकर गांव वालों का धन्यवाद करते हैं। यह परंपरा उनके बुजुर्गों ने शुरू की थी और आज भी वह उसी परंपरा को निभा रहे हैं।