सिरसा खंड के 11 गांवों को लाल डोरा मुक्त करने का सर्वे पूरा हो गया है। सर्वे ऑफ इंडिया ने पंचायत विभाग को इनमें से सात गांवों का नक्शा सौंप दी है। जिसमें कि करीब सात गांवों के करीब 1590 प्रॉपर्टी धारकों को लाल डोरे के अंदर आने वाली जमीन का मालिकाना हक सौंपा जाएगा। बता दें कि लाल डोरा अंग्रेजों के समय बनाया गया था। जिसमें कि गांव की आबादी से बाहर के क्षेत्र को लाल डोरा माना जाता था। लाल डोरे में आने वाली भूमि का मालिकाना हक व्यक्ति के पास नहीं होता। लेकिन सरकार के लाल डोरे हटाने के निर्णय के बाद उस जगह पर काबिज व्यक्ति को उसकी रजिस्ट्री करवाकर मालिकाना हक दिया जाएगा।
जिले के गांवों को लाल डोरा मुक्त करने के लिए सरकार ने पहले सिरसा खंड के कुल 11 गांवों का चयन किया था। अब सरकार के नए आदेशों अनुसार हर खंड से दस दस गांव लिए जाएंगे। सिरसा खंड के 11 गांवों के बाद अब जिला पंचायत विभाग ने डबवाली खंड के दस गांवों को चयन किया है। जिसमें कि चौटाला, आसाखेड़ा, तेजाखेड़ा, भारूखेड़ा, सुकेराखेड़ा, अबूबशहर, सकताखेड़ा, लोहगढ़, जोतांवाली व जंडवाला बिश्नोइयां गांव शामिल हैं। इन गांवों में ड्रोन से सर्वे करने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया टीम आई हुई है, सर्वे जारी है।
शुक्रवार को सिरसा के सात गांवों का दिया मैप
शुक्रवार को चंडीगढ़ में लाल डोरा को लेकर सर्वे ऑफ इंडिया की टीम के साथ पंचायत विभाग के अधिकारियों की मीटिंग थी। सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने सिरसा के सात गांवों का नक्शा पंचायत विभाग को सौंप दिया। जिसके तहत सात गांवों में लाल डोरे के सात प्लॉट प्राप्त हुए है। सात गांवों में पनिहारी में 244 प्रोपर्टी धारक, फरवाई कलां में 165, भरोखां गांव में 243, मुसाहिबवाला में 168, दड़बी में 322, नेजाडेला में 399 प्रॉपर्टी धारक और बुर्जकर्मगढ़ में 49 प्रॉपर्टी धारक लाल डोरे के एरिया में मिले हैं। जबकि नागोकी, सहारणी, नेजाडेला खुर्द और मल्लेवाला में अभी इसका सर्वे चल रहा है।
कोट
सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने सात गांवों का नक्शा उन्हें भेज दिया है। सात गांवों में लाल डोरे के सात प्लॉट मिले हैं। डबवाली के दस गांवों में ड्रोन से सर्वे का काम चल रहा है।
- दिनेश मेहता, पंचायत अधिकारी, सिरसा।