नागरिक अस्पताल में ओपीडी के सर्वर में तकनीकी समस्या होने की वजह से मरीजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया इन दिनों बंद हो गई है। ऐसे में कर्मचारी हाथ से ही पर्ची पर डॉक्टर का कमरा नंबर और अन्य जानकारी दर्ज कर रहे है। हाथ से पर्ची और अन्य जानकारी दर्ज करने में समय अधिक लगने के कारण बाहर खड़े मरीजों की लंबी कतार लग रही हैं। मरीजों को घंटों लाइन में लगकर पर्ची कटवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल में पहले मरीजों का आधार कार्ड लेकर उनकी ऑनलाइन कंप्यूटर में एंट्री की जाती थी और बीमारी की जानकारी लेकर संबंधित डॉक्टर का कमरा नंबर, नाम और अन्य जानकारी ओपीडी की पर्ची पर चस्पा दी जाती थी। लेकिन बीते तीन दिनों से सर्वर की 70 बैटरियां एक साथ डेड होने के कारण सर्वर मुख्य पोर्टल के साथ कनेक्टर नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण कर्मचारी मरीजों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज कर उनको संबंधित डॉक्टर के पास भेज रहे है। बुधवार को सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक पर्ची कटवाने के लिए मरीजों और उनके तीमारदारों की लंबी कतार देखने को मिली। कई मरीज पर्ची कटवाने की लाइन को देख कर ही वापस लौटते हुए नजर आए तो कई मरीज जैसे तैसे कर पर्ची कटवाने के लिए लाइन में घंटों तक लगे रहे।
15 दिनों से सर्वर की बैटरियां खराब, अब सर्वर बंद
नागरिक अस्पताल में पर्ची काटने वाले सर्वर की बैटरियां पिछले 15 दिनों से खराब हो रही थी। स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से जैसे तैसे काम चलाया जा रहा था। लेकिन अब बैटरियां जवाब दे गई तो सर्वर बंद हो गया। जिसके पश्चात ओपीडी के कमरे में कर्मचारियों को रजिस्टर पर मरीजों की जानकारी दर्ज करने के निर्देश देकर काम शुरू करवा दिया। कर्मचारी मरीजों के आधार कार्ड और अन्य जानकारी रजिस्टर में दर्ज कर उनका रिकार्ड रख रहे है।
अस्पताल में रोजाना 1200 मरीजों की होती है ओपीडी
नागरिक अस्पताल में अब मरीजों की संख्या पहले से काफी अधिक हो गई है। ओपीडी में हर रोज एक हजार से 1200 मरीज जांच करवाने के लिए अस्पताल में पहुंचते है। पर्ची काटने के लिए केवल तीन ही खिड़कियां है और ओपीडी में कर्मचारियों की कमी होने के कारण मरीजों की पर्ची समय अनुसार नहीं कट पा रही। अन्य दिनों में भी मरीजों को पर्ची कटवाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
नई बैटरियां आने के बाद ही दूर होगी समस्या
सर्वर की बैटरियां डेड होने के कारण परेशानी आ रही है। बैटरियों को बदलवाने के लिए मुख्यालय को सूचना दी गई है। ओपीडी में पर्ची काटने वाले कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। बैटरियों के आने के बाद सर्वर शुरू हो पाएगा और इसके पश्चात ही ऑनलाइन पर्ची काटने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
- डॉ. संदीप गुप्ता, एमएस, नागरिक अस्पताल