मैं भी चौधरी, तूं भी चौधरी। गांव जोगेवाला में कुछ ऐसा ही हुआ है। दो उम्मीदवारों के बीच चौधर का मैच टाई हो गया। इसके बाद एक धार्मिक स्थल के प्रबंधक ने दोनों में ढाई-ढाई वर्ष तक सरपंची करने के लिए समझौता करवा दिया। पहले प्लान में गांव की बागडोर का फैसला टॉस के जरिए हुआ।
गांव जोगेवाला की चौधर के लिए कुलदीप कौर तथा किरणजीत कौर में कांटे की टक्कर थी। यहां 1440 मत डाले गए। इनमें से एक भी वोट कैंसल नहीं हुआ।
गिनती के दौरान दोनों उम्मीदवारों को 720-720 मत आए। चौधर का मैच टाई होने पर कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं हुआ। ऐसे में देसूजोधा-फुल्लो मार्ग पर स्थित गुरुद्वारा के प्रबंधक बाबा प्रेम सिंह को मौका पर बुलाया गया।
बाबा ने दोनों पक्षों में समझौता करवाते हुए पांच साल की सरपंची के लिए दोनों को ढाई-ढाई साल के लिए मना लिया। अब सवाल था कि पहले सरपंची कौन करेगा? टॉस द्वारा किरणजीत कौर का नाम निकला।