तीन खंडों में 120 गांवों ने रविवार को अपने चौधरी चुने। इससे पहे जिले में पहले चरण के लिए मतदान शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
रघुआना और रोहण गांव में दो पक्षों में कहासुनी के चलते मतदान बाधित रहा तो ओढ़ां और छतरियां में ईवीएम में आई खराबी से मतदान देरी से शुरू हुआ। अति संवेदनशील गांवों में पुलिस अधीक्षक ने दौरा किया। गांव लहंगेवाला के पास एक ट्रैक्टर ट्रॉली से पुलिस को काफी मात्रा में लाठियां और गंडासियां बरामद हुईं।
डबवाली खंड पर सभी की निगाहें रहीं। वीआईपी गांव चौटाला में मतदान को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह चौकस रहा। क्षेत्र के गांव देसुजोधा और मौजगढ़, सांवतखेडा़, लंबी में दो पक्षों में कहासुनी होने पर स्थिति तनाव पूर्ण हो गई। बुजुर्गों और पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ से स्थिति सामान्य हुई।
दारेवाला में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को मिर्गी का दौरा पड़ने से हड़कंप मच गया बाद में उसके होश में आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। ओढां खंड में मतदान शांतिपूर्ण रहा।
गांव ओढां के बूथ नंबर तीन पर सुबह ईवीएम में आई तकनीकि खराबी के चलते करीब बाधा घंटा देरी से मतदान शुरू हुआ। गांव छतरियां में भी ईवीएम में खराबी के कारण मतदान देरी से शुरू हुआ।
बड़ागुढां खंड के गांव रोहण में एक वोट को लेकर सरपंच पद के दो उम्मीदवारों में कहासुनी हो गई और बात मारपीट तक जा पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
इस विवाद के चलते मतदान 20 मिनट तक प्रभावित रहा। इसके साथ ही गांव सुब्बाखेडा, झोरडरोही, झिडी, बडागुढा, नागोकी में भी मामूली कहासुनी हुई। गांव रघुआना में भी एक व्यक्ति की वोट को लेकर उम्मीदवारों के समर्थक भिड़ गए।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता मौके पर पहुंचे और शांति भंग करने का प्रयास कर रहे ग्रामीणों हड़काया। उधर पुलिस को किसी ने सूचना दी कि गांव लहंगेवाला के समीप सड़क किनारे एक ट्रॉली खड़ी हुई है जिसमें ईंट-पत्थर, लाठी, डंडे और गंडासे रखे हुए हैं। रोड़ी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रॉली को कब्जे में लिया।