आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों व रेलवे ट्रैक पर बैठे जाट प्रदर्शनकारियों के चलते यातायात पूरी तरह से ठप है। सिरसा से बस से लोग फतेहाबाद से आगे नहीं जा सके। बुधवार को सिरसा डिपो प्रशासन ने लंबे रूटों पर बसों को नहीं भेजा गया। अल सुबह कुछ बसों को जरूर भेजा गया, लेकिन वह सभी बसें फतेहाबाद में रोक दी गई। इसका सबसे बड़ा खामियाजा हिसार मंडल के नवनिर्वाचित पंचों को चुकाना पड़ा जो शपथ लेने के लिए समारोह में नहीं पहुंच पाए। इतना ही नहीं लंबे रूटों पर बसों का न चलने से यात्री दिन भर परेशान रहे। आंदोलन से भयग्रस्त निजी बस संचालकों ने भी लंबे रूटों पर बसें नहीं चलाई गई।
पंचों के लिए 68 बसों को किया था बुक
हिसार मंडल के नवनिर्वाचित पंचों को बुधवार सुबह जींद में शपथ समारोह के लिए बुलाया गया था। सिरसा जिले से निर्वाचित हजारों पंचों के लिए सिरसा रोडवेज डिपो की 68 बसों को बुक किया गया। जिसमें से सिरसा डिपो की 50 व डबवाली डिपो की 18 बसें शामिल थीं। रोडवेज को इसके लिए 11 लाख रुपये की राशि जारी की गई। शपथ समारोह में शामिल होने के लिए सिरसा से सभी बसें निर्धारित समय पर चली, लेकिन फतेहाबाद से आगे नहीं जा पाई। सभी बसों को फतेहाबाद में ही रोक दिया गया। वहीं, जाट आंदोलन के चलते सिरसा स्टेशन से दूसरे दिन भी सिरसा एक्सप्रेस व किसान एक्सप्रेस रेलगाड़ी नहीं चल पाई।
इससे रेलवे को दस लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। दिल्ली नहीं जा पाने के कारण रेल यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन के चलते सिरसा जिले से न तो सरकारी यातायात सेवाओं से राजधानी दिल्ली या चंडीगढ़ जाया जा सकता है और न ही निजी साधनों से। व्यापारियों से लेकर आम गरीब जनता तक सभी को भारी मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं।