- न्यूनतम तापमान में चार डिग्री की आई गिरावट, बारिश और ओलावृष्टि से मौसम सर्द
रानियां में आंधी से स्टेट हाईवे पर गिरे पेड़, बिजली के खंभे टूटे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा/रानियां। जिले में शनिवार को तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। किसानों को धान की फसलों में बड़े स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा है। इस मौसमी बदलाव के कारण न्यूनतम तापमान में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही, रानियां क्षेत्र में यातायात और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।
धान की फसलों को 20 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से धान की फसल की बालियां झड़ गई हैं और धान खराब हो गया है। 70 से 80 मन प्रति एकड़ की होने वाली फसल में 20 फीसदी कम उत्पादन की आशंका जताई जा रही है।
किसानों और किसान नेताओं ने सरकार से इस नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है। मंडियों में खुले में पड़ा 70 फीसदी धान भी प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं और बारिश के कारण 30 फीसदी धान भीग गया था। धान भीगने से उसमें नुकसान की आशंका बनी रहती है। रविवार को किसान और आढ़ती मंडियों में धान सुखाते हुए नजर आए।
आंधी से यातायात और बिजली व्यवस्था बाधित
रानियां क्षेत्र में शनिवार शाम तेज आंधी से जनजीवन प्रभावित हुआ। गांव लहर वाली ढाणी के पास स्टेट हाईवे-32 पर सफेदे के पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गए। इससे मार्ग करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा, वाहन चालकों को परेशानी हुई। आंधी से कुछ अन्य स्थानों पर बिजली के खंभे भी टूट गए। इससे बिजली की लाइनें प्रभावित हुईं और कई जगहों पर आपूर्ति बाधित रही। लोगों को बिजली बंद होने से परेशानी झेलनी पड़ी।
तापमान में गिरावट
ओलावृष्टि और बारिश के कारण न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान चार डिग्री गिरकर 19 डिग्री से 15 डिग्री के पास पहुंच गया है। अधिकतम तापमान भी दो डिग्री गिरकर 29 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में दो डिग्री का अंतर और देखने को मिल रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है।
मंडियों में धान का प्रबंधन और आपूर्ति बहाली
धान सुखाने के साथ मंडियों में उठान भी तेजी से हुआ। शेडों के नीचे बोरियों में भरे धान को तेजी से उठाया गया। यह नए धान के लिए जगह बनाने के उद्देश्य से किया गया। बारिश के कारण धान अब मंडियों में आगामी 20 दिन लगातार धीमी गति से पहुंचेंगे। सड़क पर पेड़ गिरने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बिजली निगम के कर्मचारियों ने रविवार को प्रभावित लाइनों की मरम्मत की। संबंधित विभागों की त्वरित कार्रवाई से यातायात और बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी।