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शहर के बाजारों में तीन पार्किंग स्थल, सभी पर रेहड़ी वालों का कब्जा

Wed, 04 Jan 2017 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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पार्किंग - फोटो : bureau
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नगर परिषद ने बाजारों में यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए पार्किंग स्थल तो बना दिए, लेकिन वहां पर वाहनों की बजाय रेहड़ी वालों का कब्जा होने से पार्किंग व्यवस्था फेल हो गई है। ट्रैफिक पुलिस की ढिलाई के कारण लोग पार्किंग की बजाय दुकानों के आगे और गलियों में ही वाहन खड़ा रहे हैं, जिससे पार्किंग व्यवस्था महज शोपीस बनकर रह गई है।
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अब हालात ऐसे हैं कि दिनभर पार्किंग स्थल पर रेहड़ी वाले कब्जा जमाए रहते हैं, जिससे पार्किंग का ठेका लेने वाले ही पछता रहे हैं, क्योंकि पार्किंग संभालने वाली का ही वेतन नहीं निकल रहा, कमाई तो दूर की बात है। वहीं दूसरी ओर वाहन चालक पार्किंग में वाहन न खड़ा कर गलियों और दुकानों के आगे वाहन खड़ा कर रहे हैं।

ट्रैफिक पुलिस द्वारा दी जाने वाली छूट से पार्किंग प्लान पूरी तरह फेल हो गया है। दो वर्ष पूर्व सिरसा के तत्कालीन एसपी और नगर परिषद के तत्कालीन ईओ के प्रयासों से यह व्यवस्था शुरू हो पाई थी। शुरुआत के एक-दो महीने तो सब ठीक रहा, लेकिन एसपी और ईओ के तबादले होते हुए सारी व्यवस्था धरी की धरी रह गई।
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वहीं लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बनाई गई पार्किंग इसलिए फेल हो गई, क्योंकि पार्किंग बाजार से दूर है। अगर यही पार्किंग बाजार के बीच किसी स्थान पर होती तो जरूर कामयाब होती। वहीं पार्किंग में वाहन चालकों से पैसे वसूली के कारण भी लोग पार्किंग में वाहन खड़ा करने की बजाय दुकानों के आगे वाहन खड़ा करते हैं। दूसरी ओर गाड़ियां भी बाजारों में बेझिझक आ जा रही हैं, जिसके कारण पार्किंग का इस्तेमाल खत्म हो रहा है।

पार्किंग बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि कि पार्किंग में वाहन कौन खड़ा करेगा और न ही पार्किंग के कर्मचारी किसी वाहन को जबरन बाजार में जाने से रोक सकते, क्योंकि बाजार जाने के लिए एक नहीं कई रास्ते हैं। इसलिए यह माना जा रहा था कि ट्रैफिक पुलिस और नगर परिषद के कर्मचारी अपनी तरफ से भी पार्किंग को सुचारु रूप से चलवाने का सहयोग करेंगे, लेकिन काफी समय बाद भी ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला।

पार्किंग में साइकिल का किराया पांच रुपये, स्कूटर और बाइक का किराया 10 रुपये और कार पार्क करने का किराया 20 रुपये हैं। ट्रेड टॉवर और डाकघर के बाहर बनी पार्किंग का उपयोग वाहनों को खड़ा करने में नहीं हो रहा रहा है। यहां पर रेहड़ी वाले और फुटपाथ पर स्टॉल लगाने वालों का जमावड़ा रहता है। लाखों खर्च कर बनाई गई पार्किंग बेकार साबित हो रही है।

बाजार में पार्किंग स्थल निर्माण ठंडे बस्ते में
नगर सुधार मंडल द्वारा करीब पांच वर्ष पूर्व मोहता मार्केट में पार्किंग स्थल बनाने के लिए फाइल चलाई गई थी। नक्शा बन गया था। मंडल की ओर से फाइल को प्रोसेस में डाल दिया गया, लेकिन बाद में जैसे ही नगर सुधार मंडल को सरकार ने समाप्त कर दिया तो यह फाइल भी ठंडे बस्ते में चली गई। इस फाइल को फॉलो करने वाला कोई विभाग नहीं रहा तो फाइल भी गुम हो गई। मंडल द्वारा शहर में पार्किंग स्थल के लिए काफी प्रयास किया गया, लेकिन अब तक यह मामला अधर में ही लटका हुआ है।

यातायात पुलिस करेगी सख्ती
वहीं ट्रैफिक इंचार्ज अनिल सोढ़ी का कहना कि ट्रैफिक पुलिस पहले की तरह ही काम कर रही है। गाड़ियों के बाजारों में जाने पर रोक लगाई हुई है। बाजारों में गश्त बढ़ा दी गई है। जल्द ही सीटी एसएचओ के साथ मिलकर अभियान चलाएंगे। रोड पर आई मिट्टी को हटवाने और पीली पट्टी लगवाने के लिए भी प्रशासन को लिखा हुआ है।

जो गाड़ियां नॉन पार्किंग स्थल पर होंगी, उनको उठाकर लाया जाएगा, ताकि लोग गाड़ियों को पार्किंग स्थल में खड़ी करने लगे। अगर वाहन गली में खड़ा किए तो वाहनों के चालान काट दिए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस ने इसके लिए क्रेन का इंतजाम भी कर लिया है। गलत पार्किंग पर पहले तो सायरन बजाकर वाहन चालक को बुलाया जाएगा। अगर वाहन चालक मौके पर नहीं आया तो उसका वाहन क्रेन से उठा लिया जाएगा।

बैठक के पहले एजेंडे में होगा पार्किंग का मुद्दा : सहगल
नगर परिषद की अध्यक्ष शीला सहगल ने कहा कि शहर में पार्किंग व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए पहली बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा जाएगा। जहां पार्किंग स्थल पर कब्जे हैं, वहां सख्ती की जाएगी। पुराने कन्या स्कूल के स्थान पर शॉपिंग कांप्लेक्स के साथ पार्किंग स्थल के निर्माण का विचार कर रहे हैं। शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए पार्किंग स्थल बहुत जरूरी है।
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