लाल डोरे के तहत गांव में सर्वे करते तहसीलदार।
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पनिहारी गांव के लाल डोरे में आने वाले भूमि की गलत रजिस्ट्रियों की जांच के लिए मंगलवार को तहसीलदार श्रीनिवास, पटवारी परमिंदर, कानूनगो और सचिव की टीम गांव में पहुंची। टीम ने जांच में पाया गया कि सर्वे ऑफ इंडिया की टीम को जब डाटा फीड करने के लिए भेजा गया तो कंप्यूटर ऑपरेटर ने एक्सल शीट में डाटा फिल्टर करते हुए नंबरिंग उलट पलट कर दी, जिस कारण एक व्यक्ति के कब्जे वाली भूमि की रजिस्ट्री दूसरे व्यक्ति के नाम पर हो गई। अब तहसील विभाग इस गलती को ठीक करने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया को लिखेगा।
जिले के 11 गांवों को लाल डोरा मुक्त करने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने सर्वे किया था। पनिहारी गांव में करीब 325 प्लाट लाल डोरे में आए थे और इनकी रजिस्ट्री कब्जा धारक के नाम पर की जानी थी। सर्वे ऑफ इंडिया की टीम द्वारा डाटा फीड करने के बाद जब तहसील कार्यालय ने इनकी रजिस्ट्री की तो गांव के 35 लोगों ने गलत रजिस्ट्री की शिकायत उपायुक्त को दी। उपायुक्त ने मामले की जांच के आदेश तहसीलदार को दिए। मंगलवार को तहसीदार श्रीनिवास ने पटवारी, कानूनगो और सचिव को साथ लेकर सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा भेजी गई सूची और स्थानीय सर्वे की सूची का मिलान किया। दोनों सूचियों में कोई अंतर नहीं मिला। तहसीलदार ने 325 प्लांटों में से 125 प्लांटों की रैंडम जांच भी की, जो कि सही पाए गए। सर्वे में घरों के नंबर ब्लॉक वाइज सही दिए। लेकिन जो डाटा यहां से गया वो सही फीड नहीं हुआ। जिस सचिव ने सर्वे किया, उसका तबादला हो गया था। वहीं दूसरा सचिव आया तो जिस दिन डाटा फीड करवाने चंडीगढ़ जाना था, वह बीमार था, उसकी जगह पर तीसरे सचिव को डाटा फीड करवाने के लिए भेजा गया। इसी दौरान सर्वे ऑफ इंडिया के कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर ने डाटा गलत फीड कर दिया।
ये था मामला
गांव पनिहारी की रहने वाली ज्ञान कौर ने उपायुक्त कार्यालय को शिकायत देते हुए बताया कि उसका प्लाट गांव में लाल डोरे के अंदर लगभग 10 मरले का है। जिस पर उसने 50 साल पहले से उसने अपना घर बना रखा है और वह वहां पर रह रही है। सरकार द्वारा आदेश जारी किया गया कि सात सदस्यीय कमेटी द्वारा सर्वे कर उन सभी भूमि की रजिस्ट्री की जाए। लेकिन कमेटी में शामिल अधिकारियों ने मिलीभगत कर गांव के लोगों की गलत रजिस्ट्रीयां कर दी है। ज्ञान कौर ने बताया कि उसके प्लाट में अन्य लोगों को इसका हिस्सेदार बना दिया है। वहीं पनिहारी के ही रहने वाले देसराज और भजन लाल ने भी बताया कि गांव में उनका प्लाट 847 और 805 नंबर है। लेकिन लाल डोरे में आने के बाद हो रही रजिस्ट्री में उन्हें 847 की बजाय 826 नंबर प्लाट का हिस्सेदार बना दिया है। जिस पर भजन लाल ने गुहार लगाई कि यह जो प्लाट की रजिस्ट्री उनके नाम की है, वह असल मालिक ज्ञान कौर के नाम कर दिया जाए।
कोट्स
एक्सल सीट में फिल्टर करते वक्त कंप्यूटर ऑपरेटर ने नंबर आगे पीछे कर दिए। मौके पर सारी लिस्ट जो ऊपर से आई थी, गांव के बीच बैठाकर पढ़ा दी। सारी लिस्ट को ग्रामीणों ने सही माना। क्लेरिकल गलती थी। नंबरिंग चेंज हो गई थी। गांव वालों को 325 प्लांट लोगों को अलॉट होने थे। 125 प्लांट नंबर रेंडमली चेक करवा दिए। प्लांट सही जगह पर है। दोबारा नंबर चेंज करके उसे दुरुस्त कर दिया जाएगा।
श्रीनिवास तहसीलदार सिरसा।