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शहर से बाहर बरनाला रोड पर शिफ्ट होगी अनाज मंडी, टीम ने किया दौरा

Sun, 21 May 2017 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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अनाज मंडी - फोटो : amar ujala
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मार्केटिंग बोर्ड ने सिरसा में अनाज मंडी को शहर से बाहर स्थापित करने के लिए प्रक्रिया को तेज कर दिया है। अब इस बात पर आज या कल ही मंथन होगा कि शहर से बाहर बनाई जाने वाली अनाज मंडी को न्यू अनाज मंडी बनाया जाए या फिर एडिशनल अनाज मंड। यदि न्यू अनाज मंडी बनती है तो शहर में स्थित अनाज मंडी का पूरा सेटअप बाहर शिफ्ट होगा और यदि एडिशनल मंडी बनती है तो दोनों जगह ही फसलों की खरीद-बेच हो सकेगी। इस पर मंथन करने के लिए शनिवार को चीफ इंजिनियर सहित गठित कमेटी के सदस्यों की बैठक हुई।
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फसलों की आवक बहुत अधिक होने के कारण फसली सीजन में शहर के बीच में स्थित अनाज मंडी के आसपास के रोड जाम व अन्य समस्याओं के निदान के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 20 जुलाई 2015 को शहर से बाहर मंडी बनाने की घोषणा की थी। उसके बाद विभाग ने मंडी के लिए भूमि देखनी शुरू की और बरनाला रोड पर नेशनल हाईवे के बाईपास के पास भूमि का सुझाव विभाग ने सरकार को 25 फरवरी 2016 को भेजा। उसके बाद फाइल धीमी गति से प्रोसेस में चलती रही। आखिरकार सरकार की ओर से मंडी के निर्माण को लेकर पोजिटिव संदेश आया तो मार्केट कमेटी के तकनीकी अधिकारियों ने सरकार को पत्र लिखकर पूछा कि शहर से बाहर अनाज मंडी बनाई जानी है उसकोे न्यू अनाज मंडी बनाया जाना है या फिर एडिशनल अनाज मंडी। इस पर सरकार ने मार्केटिंग बोर्ड के चीफ इंजिनियर, चीफ एनफोर्समेंट ऑफिसर, सीनियर टाउन प्लानर, डीएमईओ, कार्यकारी अभियंता व सचिव को इस कमेटी में नियुक्त किया गया है ताकि कमेटी मंथन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दे और उसके बाद मंडी बनाने की प्रक्रिया को तेजी से चलाया जा सके। शनिवार को पूरी टीम ने कई घंटों तक इस पर मंथन किया और शाम को रिपोर्ट तैयार कर ली।

मंथन के बाद सरकार को भेजी जाएगी : गर्ग
मार्केटिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता रमेश गर्ग ने बताया कि शहर से बाहर न्यू अनाज मंडी बनेगी या फिर एडिशन अनाज मंडी यह तो सरकार ही तय करेगी। कमेटी अपनी रिपोर्ट मंथन के बाद सरकार को भेज देगी। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर फाइल प्रोसेस में है। अनाज मंडी के साथ-साथ चारा मंडी, सब्जी मंडी व लक्कड़ मंडी भी शहर से बाहर शिफ्ट होगी। यदि बरनाला रोड पर न्यू अनाज मंडी बनती है तो यहां की मंडी में लगे शैड उसमें लगाए जाएंगे और इस मंडी में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने का प्लान सरकार को भेजा गया है। एडिशनल मंडी बनती है तो मौजूदा मंडी ज्यों की त्यों रहेगी। उन्होंने बताया कि आवक बढ़ने के कारण अब ये मंडी छोटी पड़ने लगी है।  
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मौजूद मंडी की यह है स्थिति
वर्ष 1957 में सिरसा में 23 एकड़ भूमि में अनाज मंडी बनाई गई थी। उस समय चार हजार क्विंटल गेहूं की आवक होती थी। जैसे आवक बढ़ती गई वैसे मंडी का दायरा भी बढ़ता गया। इसके बाद 1978 में पांच एकड़ और 2.7 एकड़ में एडिशन अनाज मंडी पार्ट दो और तीन बना। इसी प्रकार 14 एकड़ में कपास मंडी बनाई गई। अब आवक के अनुसार यह जगह भी कम पड़ने लगी है। बता दें कि पूरे जिले की बात करें तो एक करोड़ क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक होती है। इसी प्रकार 30 लाख क्विंटल से अधिक धान और 20 लाख क्विंटल के आसपास कॉटन की आवक भी होती है। इसके अलावा ग्वार, बाजरा, सरसों, जौं आदि फसलों की आवक भी होती है।

सिरसा मंडी में इस प्रकार है दुकानों की संख्या
मंडी का नाम              दुकानों की संख्या     बूथों की संख्या
अनाज मंडी                167                  40
एडिशनल मंडी-दो         49                   12
एक्स्ट्रा एडिशनल मंडी       28                   07
कपास मंडी                77                   56
सब्जी मंडी                53                    30   

सिरसा मंडी की पिछले पांच सालों में मार्केट फीस के रूप में इस प्रकार रही है आमदन
वर्ष             राशि लाख में
2016-17       2684.68
2015-16       1665.71
2014-15       1997.15
2013-14       2426.15
2012-13       2166.43

ऐलनाबाद में भी बनेगी एडिशनल मंडी
ऐलनाबाद में भी एडिशनल अनाज मंडी बनेगी। इसके लिए मार्केटिंग बोर्ड ने प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। हनुमान गढ़ रोड पर हुडा विभाग की 29 एकड़ भूमि को हुडा से मार्केटिंग बोर्ड को ट्रांसफर करने के लिए फाइल सरकार के पास जा चुकी है। भूमि ट्रांसफर होने के बाद आगामी कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

पहले सरकार बताए अपना परपोजल : मिचनाबाद
आढ़ती एसोसिएशन सिरसा के प्रधान सुरेंद्र मिचनाबाद ने कहा कि पहले सरकार बताए कि शहर से बाहर मंडी बनाने की क्या परपोजल है और इससे आढ़तियों को क्या सुविधाएं मिलेंगी, उसके बाद ही कहा जा सकता है कि यह कदम अच्छा है या नहीं। शहर से बाहर जहां सुविधाओं की कमी रहेगी वहीं यहां पर दुकानों में इनवेस्टमेंट करके बैठे आढ़तियों की भरपाई कैसे होगी।
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