लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन करती आशा व आंगनबाड़ी वर्कर्स।
सिरसा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सर्वे में बीएलओ के साथ आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी वर्कर्स की ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में सोमवार को लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा ऐलनाबाद में भी आशा वर्कर यूनियन और आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन के प्रतिनिधियों ने उपमंडल अधिकारी पारस भगोरिया को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन की जिला प्रधान दर्शना, शिमला, मीनाक्षी, उषा और रेखा ने बताया कि प्रशासन की ओर से एसआईआर कार्य में बीएलओ के साथ आशा वर्कर्स की ड्यूटी लगाई गई है जिसे वे स्वीकार नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स सरकारी कर्मचारी नहीं हैं बल्कि वे वालंटियर के रूप में कार्य करती हैं और उन्हें कार्य के बदले इंसेंटिव मिलता है। उनका कोई निश्चित वेतन नहीं है इसलिए इस प्रकार की अतिरिक्त ड्यूटी उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी आशा वर्कर्स को ऐसे कार्यों में लगाया गया है जो उनके दायरे में नहीं आते। इससे उनका मानसिक शोषण हो रहा है और यूनियन इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐलनाबाद में आशा वर्कर यूनियन की प्रधान रजनी पारीक एवं आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की प्रमीला चौधरी ने संयुक्त रूप से कहा कि पहले से ही विभागीय कार्यों का भारी बोझ है ऐसे में अतिरिक्त ड्यूटी से उनके नियमित कार्य प्रभावित होंगे। इसका असर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं पर भी पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर आंगनबाड़ी हेल्पर पढ़े-लिखे नहीं हैं जिससे सर्वे कार्य में व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं। सर्व कर्मचारी संघ के नेता राजेशने कहा कि बिना वेतन दिए कर्मचारियों से एसआईआर सर्वे में कार्य करवाना अनुचित है।