सिरसा। भाजपा जिलाध्यक्ष एडवोकेट यतींद्र सिंह ने चुनावी सुधारों को लेकर विपक्ष के प्रदर्शनों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष ठोस तथ्यों के बजाय आरोपों और नारों के सहारे जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन बिना प्रमाण संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना जिम्मेदार राजनीति नहीं है।
यतींद्र सिंह ने कहा कि मतदाता सूची का नियमित पुनरीक्षण निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की 14 मई की विज्ञप्ति का हवाला देते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण में 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया गया था। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों के साथ राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भागीदारी भी रखी गई।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने विपक्ष को चुनौती दी कि यदि उसे चुनावी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नजर आती है तो वह प्रमाणों के साथ उचित संवैधानिक मंच पर मामला उठाए। उन्होंने कहा कि केवल प्रदर्शन और नारेबाजी से लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर संदेह पैदा करना जनता के हित में नहीं है। चुनावी पारदर्शिता और संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है।