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Sirsa News: दुर्गंध में खड़े रहकर करना पड़ता है बसों का इंतजार, यात्रियों के जी का जंजाल बना दूषित पानी

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ओढां। गांव ओढां में राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ बने निकासी नाले लोगों के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं। इस तरफ न तो नेशनल हाईवे अथाॅरिटी ध्यान दे रही है और न ही संबंधित एजेंसी। इनकी लापरवाही का खामियाजा आम लोगों, यात्रियों, वाहन चालकों व रेहड़ी संचालकों को हर रोज भुगतना पड़ता है।
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आलम यह है कि गांव ओढां के बस अड्डे के सामने दूषित पानी एकत्रित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं गंदा पानी भरा होने के कारण बस अड्डे के अंदर जाना यात्रियों के लिए मुश्किल हो गया है। नेशनल हाईवे अथाॅरिटी इसका समाधान नहीं कर रही है और जिससे आमजन परेशान हैं। बता दें कि बीते करीब 4 माह पूर्व संबंधित एजेंसी ने नाले की सफाई के लिए नाले के लेंटर उखाड़े थे। एजेंसी ने 1-2 दिन औपचारिकता निभाकर कार्य बंद कर दिया और लेंटर वैसे ही छोड़ दिए। जिससे समस्या खत्म होने की जगह कई गुणा बढ़ गई। संवाद
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समाधान के लिए नेशनल हाईवे अथाॅरिटी व देखरेख एजेंसी को अनेक बार अवगत करवाया था। लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। दूषित पानी की बदबू दूर तक फैलने के चलते जीना मुहाल हो गया। बस अड्डे के दोनों गेट के रैंप टूटने व पानी अधिक जमा होने के चलते बसें बस अड्डे के अंदर नहीं जा पाती। ऐसे में मजबूरन बाहर से बसें गुजारनी पड़ती हैं। इससे यात्रियों को गंदे पानी के पास खड़े रहकर बसें पकड़नी पड़ती हैं।
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- गुरचेत सिंह (निजी बस ऑपरेटर)।

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गंदे पानी व खुले पड़े नाले के चलते यहां दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। मक्खी-मच्छरों की भरमार व गंदे पानी की बदबू इस कदर है कि खाना भी ठीक से नहीं खा पाते। समस्या के समाधान के लिए अनेकों बार अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन हर बार या तो औपचारिकता निभाई जाती है। करीब चार माह पूर्व जब एजेंसी द्वारा कार्य शुरू किया गया तो उम्मीद जगी थी कि इस बार समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन 1-2 दिन औपचारिकता निभाकर लेंटर उखाड़कर छोड़ने से स्थिति और खराब हो गई। इस समस्या को लेकर हम अपने स्तर पर कोई न कोई कदम उठाएंगे।

जसविंदर सिंह बब्बू, प्रदेशाध्यक्ष (जनता अधिकार मोर्चा)।


स्थिति काफी खराब है। बस अड्डे के सामने तो हाल बेहाल है। पंचायत इस समस्या से अवगत है। इस नाले की वजह से कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं। छोटे बच्चे भी इसमें गिरे थे। लोग हाईवे की सर्विस लाइन को छोड़कर अन्य जगह से गुजरते हैं। नाले का लेंटर उखाड़कर छोड़ हुए करीब 4 माह हो गए। पंचायत नाले की सफाई करवाने के लिए तैयार है, लेकिन हम इस बारे मेंं हाईवे अथाॅरिटी से कुछ शर्तें लिखित में लेंगे। संदीप सिंह, ग्राम सरपंच।

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ओढां में निकासी नाला शुरू से ही लोगों के लिए आफत बना हुआ है। ओढां में जब मुख्यमंत्री आए थे तो एक बार खानापूर्ति करके छोड़ दिया गया। लेकिन उसके बाद कोई ध्यान नहीं दिया गया। अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा आम लोगों का भुगतना पड़ रहा है। न तो स्वास्थ्य विभाग ध्यान दे रहा और न ही जिला प्रशासन। हम भी इस समस्या के लिए कई बार अपने स्तर पर अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सभी को आगे आना होगा। कौर सिंह कुंडर (किसान नेता)
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