सीडीएलयू में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की कड़ी में हर्बल पार्क बनाने का प्रावधान भी है। इस पार्क में औषधीय पौधों को बढ़ावा दिया जाएगा। गर्ल हॉस्टल के निकट चार एकड़ में बनने वाले हर्बल पार्क को यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से हरी झंडी मिल गई है। इस पार्क को बनाने पर एक करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
पहले चरण में 20 लाख खर्चे जाएंगे। प्रोजेक्ट को देख रहे एसडीओ सुरेंद्र नुइयां ने बताया कि पार्क के डिजाइन के लिए आर्किटेक्चर के पास प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही आर्किटेक्चर की ओर से डिजाइन आएगा तो काम शुरू कर दिया जाएगा। जमीन की मिट्टी व इसमें लगने वाले पानी की जांच भी करवाई जाएगी और उसके अनुसार औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। विश्वविद्यालय में हरियाली के साथ-साथ औषधियों का उत्पादन भी हो सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में पार्क की कुल जगह चार एकड़ है।
मॉडल पार्क के रूप में करेंगे विकसित
वीसी डॉ. राधेश्याम शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में अनेक विकास कार्य शुरू होंगे, इसी कड़ी में हर्बल पार्क भी बनाया जाएगा। कुछ काम अचार संहिता के कारण शुरू नहीं हो पाए थे, अब शुरू करवाए जाएंगे। हर्बल पार्क को मॉडल पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे पूर्व दस साल पहले गांव फुलकां में वन विभाग ने हर्बल पार्क बनाया था लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण वह पार्क फल फूल नहीं सका। मौजूदा डीएफओ जितेंद्र अहलावत की रुचि के कारण अब पिछले छह माह से कुछ हरियाली दिखने लगी है। विभाग द्वारा उस पार्क को हरा-भरा करने का बीड़ा उठाया गया है।