संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश सरकार ने डीएपी और यूरिया की आपूर्ति को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से जोड़ दिया है। इस पर भूमि के पंजीकरण के आधार पर किसानों को खाद मिलेगी। इसके अलावा सरकार के पास भी कुल भूमि का रकबा पहुंच जाएगा।
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जिले में 106258 किसानों ने 775603.63 एकड़ भूमि का पंजीकरण करवाया है। अभी तक 19 फीसदी किसानों ने पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण नहीं करवाया है। चोपटा और रानियां क्षेत्र के किसानों ने सबसे ज्यादा जागरूकता दिखाई है। रानियां ने 84 प्रतिशत तो चोपटा में 83.5 प्रतिशत किसानों ने पंजीकरण करवाया है।
सरसों का क्षेत्र होने के कारण चोपटा में गेहूं से पहले कटाई होती है और बिजाई भी शुरू हो जाती है। इसी प्रकार रानियां में धान की बिजाई होती है, जो लेट तक चलती है। दोनों ही क्षेत्र में खाद की मांग रहती है। अभी तक इन दोनों क्षेत्रों के किसानों ने भी शत प्रतिशत रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। कृषि विभाग के लिए शत प्रतिशत किसानों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हो पाया है।
क्षेत्र , रकबा, पंजीकरण, प्रतिशत
डबवाली - 114919 , 90481.05 , 78.7 प्रतिशत
ऐलनाबाद - 98768, 79582.49, 80.6 प्रतिशत
गोरीवाला - 68366, 56563.33, 82.7 प्रतिशत
कालांवाली - 188456, 151187.06 , 80.2 प्रतिशत
नाथूसरी चोपटा -157056, 131091.81, 83.5 प्रतिशत
रानियां - 141461, 118828.29, 84 प्रतिशत
सिरसा - 187684, 147896.60, 78.8 प्रतिशत
कुल , 957609, 775603.63, 81 प्रतिशत
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क्षेत्र , किसान
डबवाली , 10458
ऐलनाबाद , 10636
गोरीवाला , 7988
कालांवाली , 19841
नाथूसरी चोपटा , 20409
रानियां , 16814
सिरसा, 20112
कुल , 106258 किसान
कोट्स
मेरी फसल मेरा ब्योरा को लेकर किसानों में जागरूकता आई है। 81 प्रतिशत किसानों ने पंजीकरण करवाया है। यूरिया और डीएपी को पोर्टल से जोड़ने का असर भी देखने को मिला है। उम्मीद है कि शत प्रतिशत पंजीकरण होने के बाद यूरिया और डीएपी को लेकर किसानों को परेशानी नहीं होगी। -डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक, कृषि विभाग।