on the first day only three buses running on only two routes
- फोटो : Sirsa
सिरसा कोरोना मुक्त हो चुका है, लेकिन कोरोना संक्रमण का खतरा और लॉकडाउन में लोग सफर करना नहीं चाहते। रोडवेज ने सिरसा डिपो में पहले दिन कुल दस बसें चलाई जानी थी। लेकिन केवल तीन ही बसें चल पाई।
56 दिन बीतने के बाद रोडवेज की बसें रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। सिरसा से सुबह सवा सात बजे पंचकूला के लिए बस चलनी थी। लेकिन किसी ने बुकिंग नहीं करवाई। पंचकूला के लिए आठ और साढ़े आठ बजे चलने वाली दोनों बसों में ही 28,28 सवारियों ने बुकिंग करवाई। जबकि अन्य जिलों और राज्य में जाने के लिए एक भी सवारी ने अपनी पंजीकरण नहीं करवाया है। शाम चार बजे दिल्ली के लिए भी 29 सवारियों के साथ एक बस रवाना हुई। पंचकूला के लिए दो बस और एक दिल्ली के लिए चली और बस ने पूरे दिन में केवल 24070 रुपये ही कमाए हैं। जबकि दोनों बसों के यात्रियों से 425 रुपये पंजीकरण के लिए अतिरिक्त लिए हैं। जबकि हिसार और भिवानी के लिए कोई बुकिंग नहीं आई थी। बीते दिन सोमवार को रोडवेज प्रशासन ने दावे किए थे कि ऑनलाइन बुकिंग कर वे चार रूटों पर अपनी बसें दौड़ा देंगे। लेकिन बुकिंग ने होने से रोडवेज का यह दावा फेल हो गया और 56 दिन बाद भी केवल दो ही रूटों पर बसें चल पाई।
यात्री नहीं कर पा रहे ऑनलाइन टिकट बुक
जिले के अधिकतर लोग बसों में सफर करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार रोडवेज प्रशासन कुछ ही दिनों में काउंटर पर टिकट देना शुरू करेगा, जिससे जिले के लोगों को यात्रा करने में आसानी होगी। ऑनलाइन टिकट होने के कारण लोग टिकट नहीं ले पा रहे हैं और अधिकतर लोग बस के समय पर ही अपनी बुकिंग कैंसल कर देते हैं, जिससे अन्य सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सवारी न होने के कारण तीन बसें चलाई गई है। हिसार और भिवानी के लिए किसी भी सवारी ने बुकिंग नहीं करवाई है।
- केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।