सिरसा। सिरसा अनाज मंडी में सरसों की फसल को लेकर धांधली सामने आई। दोपहर के समय अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक बाहर नहीं निकलते हैं। उस दौरान कपास मंडी में धड़ल्ले से सरकार बोरियों में बिना झार लगाए सरसों को भरने का काम जारी था। सरसों को कचरे के साथ भरने से सरकार के साथ सीधेतौर पर धोखाधड़ी हो रही थी। जब इसकी सूचना मार्केट कमेटी सचिव वीरेंद्र मेहता को मिली तो उन्होंने कर्मचारियों को मौका निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। वहीं, उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दें कि अभी तक भले ही मंडियों में गेहूं की फसल नहीं आई है। लेकिन सरसों की खरीद तेजी से जारी है। गर्मी का मौसम होने के कारण दोपहर के समय तापमान 35 डिग्री के पास पहुंच गया है। गर्मी का ही फायदा उठाकर मंडी के आखिरी छोर पर बनी कपास मंडी में दोपहर के समय सरसों में झार नहीं लगाई जा रही थी। बिना झार के ही सरकारी बोरियों में सरसों भरने का काम जारी था। ऐसे में प्रति बोरी कम से 200 से 500 ग्राम सरसों की चपत सरकार को लगाई जा रही थी। अहम बात यह है कि हर बार ही सरसों मंडी में आती है और मॉनिटरिंग का काम खरीद एजेंसियों के कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ-साथ मार्केट कमेटी के अधिकारियों व कर्मचारियों का होता है। हर बार इस तरह के मामले सामने आते हैं। इसके बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होती है।
क्यों नहीं लगाई जाते हैं सीसीटीवी कैमरे
मंडी में होने वाली इस धांधली को रोकने का एक ही तरीका है कि मंडी में हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। मंडी में शेडों की कमी नहीं है और आसानी से कैमरे लगाए जा सकते हैं। इससे मंडी में होने वाली धांधली को अधिकारी कार्यालय में बैठे ही देख सकते हैं और उस पर कार्रवाई कर सकते हैं। इतना ही नहीं, मुख्यालय स्तर पर भी इसकी जांच आसानी से की जा सकती है कि किस मंडी में क्या स्थिति है। इसलिए सभी मंडियों में सीसीटीवी की व्यवस्था होना जरूरी है।
एजेंसियों के कर्मचारियों व अधिकारियों को भी मॉनिटरिंग करनी चाहिए
मार्केट कमेटी सचिव ने कहा कि खरीद एजेंसियों को भी मैसेज कर दिया गया है कि वह जांच कर ही माल खरीदे। एजेंसियों के कर्मचारियों व अधिकारियों को भी मॉनिटरिंग करनी चाहिए। यदि कोई ऐसे माल भर रहा है तो अभी कर्मचारी अपनी जांच रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के आधार पर जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी।