एक ओर प्रदेश सरकार लोगों को अनेक सुविधाएं ऑन लाइन देने की बात कर रही है पर यहीं ऑनलाइन सेवा वृद्धों के लिए टेंशन बन रही है। उनका कहना है कि इससे अच्छा तो सरपंच के पास पेंशन मिल जाती थी कम कम से इस भरी गर्मी में परेशान तो न होना पड़ता।
क्षेत्र के गांव बड़ागुढ़ा में स्थित खंड कार्यालय में कॉपरेटिव बैंक के में जहां वृद्धों को पेंशन के लिए पिछले कई दिनों से परेशानी का सामना करना पड रहा है। उनका कहा है कि बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों उन्हें वेबजह परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि कभी बैंक में कंप्यूटर खराब तो कभी कर्मचारी छुट्टी पर होने की बात कहकर पेंशन पात्रों को कई कई दिनों तक परेशान किया जा रहा है। कड़ी धूप में वृद्ध व दिव्यांग पेंशन पात्र कई घंटों तक पेंशन लेने का इंतजार करते करते निराश होकर कर्मचारियों को कोसते हुए लौट जाते है लेकिन बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की सेहत पर कोई असर नहीं हो रहा। मंगलवार को पेंशन लेने पहुंची पेंशन पात्र नसीब कौर, छिंद्रपाल कौर, हरदीप कौर, सुरजीत कौर सुखदेव कौर ने बताया कि वे पिछले चार घंटो से पेंशन लेने के लिए इंतजार कर रही है लेकिन पासबुक अपने पास रखकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे से बैंक में पेंशन लेने पहुंची हुई है लेकिन समय पर कोई कर्मचारी के न पहुंचने पर काफी समय से इंतजार करना पड़ रहा है। वृद्धाओं ने बताया कि आए दिन उन्हें कभी कंपयूटर खराब होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। वृद्ध हजूरा ङ्क्षसह, मंगल ङ्क्षसह, सुखदेव ङ्क्षसह, गुरजंट ङ्क्षसह, दुल्ला ङ्क्षसह, कांशी राम, गुरचरण ङ्क्षसह ने बताया कि बैंक कर्मचारियों द्वारा सरकार के आदेशों के बावजूद कभी समय पर पेंशन नहीं दी जाती। अब वे कई दिनों से पेंशन लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं लेकिन बिना कोई कारण बताए इंतजार करने की बात कही जाती है जिस पर कई कई घंटों तक बाहर धूप में ही बैठना पड़ता है। वृद्धों ने कहा कि जब से बैंकों से पेंशन मिलने लगी है, तब से चाहे भ्रष्टाचार पर तो रोक लगी है लेकिन बैंक अधिकारियों द्वारा बेवजह परेशान किया जा रहा है।
* बैंक प्रबंधक की बेरुखी
जब पेंशन पात्रों को समय पर पेंशन न देने व कई दिनों से चक्कर लगवाने के बारे में बैंक प्रबंधक हरीश चंद्र से बात की तो उन्होंने कहा चक्कर लगाते हैं तो लगाते रहें, हम क्या करें। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि पिछले काफी समय से एक कंपयूटर खराब है, एक ही कंपयूटर के सहारे काम करना पड़ रहा है। वहीं एक कर्मचारी छुट्ी पर है, स्टाफ की कमी के चलते पेंशन देने में समय लग रहा है।