लंबे समय से ओढां को तहसील बनाए जाने की मांग पर डिप्टी सीएम की स्वीकृति की मुहर लग गई है। अगले वर्ष तक कस्बा ओढां को तहसील का दर्जा मिलने वाला है। तहसील की मांग को लेकर डबवाली हल्का से हलका प्रधान सर्वजीत सिंह मसीतां व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुखमंदर सिहाग के नेतृत्व में हलका की डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतें डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से मिलीं।
ग्राम पंचायतों ने डिप्टी सीएम से अनुरोध किया कि ओढां को तहसील बनाया जाए। ओढां हर लिहाज से तहसील बनने पर खरा उतरता है और पिछले कई वर्ष से उपेक्षा का शिकार है। जबकि नेशनल हाईवे पर स्थित होने की वजह से यहां आना-जाना भी आसान है। इसके अलावा सरपंचों ने डिप्टी सीएम को अवगत करवाया कि ओढां में हर वो सुविधाएं मौजूद है जो एक तहसील के लिए अनिवार्य है। उन्होंने डिप्टी सीएम को समस्त सुविधाओं बारे विस्तार पूर्व जानकारी देते हुए कहा कि ओढां को तहसील का दर्जा मिलना उचित है। डिप्टी सीएम ने सभी लोगों की सुनने के बाद उन्हें आश्वस्त किया कि इस पर तुरंत प्रभाव से कार्यवाही शुरू की जाएगी। अगले वर्ष तक ओढां को तहसील का दर्जा दे दिया जाएगा। इस आश्वासन पर उपस्थितजनों ने डिप्टी सीएम का आभार व्यक्त किया।
ये मिले डिप्टी सीएम से
डिप्टी सीएम से हलका प्रधान सर्वजीत मसीतां, सुखमंदर सिहाग, जगसीर सिंह जंडवाला जाटान, ओढां के सरपंच प्रतिनिधि कष्ण बैरवाल, सरपंच जगतार सिंह, नुहियांवाली के बाबू राम गेदर, सरपंच बलजीत सिंह, जंडवाला जटान के सरपंच मंगल सिंह, सरदूल सिंह चोरमार, नायब सिंह घुकांवाली, अमनदीप सिंह जलालआना, जगमीत सिंह सालमखेड़ा, वेदप्रकाश खाईशेरगढ़, राममूर्ति बाना रोहिडांवाली आदि ग्राम पंचायतों के सरपंच व प्रतिनिधियों ने मिलकर पंचायतों के प्रस्ताव सौंपे। डिप्टी सीएम ने पंचायतों को आश्वस्त किया कि इस मांग को आगामी वर्ष तक पूरा कर दिया जाएगा।