दक्षिण घग्गर कैनाल में निकलने वाली ऐलनाबाद और किशनपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी के साथ लगते गांव के किसान सोमवार को मोगियों की मांग को लेकर सिंचाई विभाग पहुंचे। किसानों की मांग थी कि धान के सीजन से पहले मोगियों को शुरू करवाया जाए। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता डीपी मुवाल ने कहा की पहले ज्वाइंट कमेटी शपथ पत्र दे कि पानी चोरी रोकने की जिम्मेदारी कमेटी के सदस्यों की होगी। इसके बाद वे उपायुक्त के समक्ष ये प्रस्ताव रखेंगे।
बता दें कि ऐलनाबाद और किशनपुरा डिस्ट्रीब्यूटी में मोगी लगवाने की मांग को लेकर बरवाला, तलवाड़ा, कुत्ताबड़ और मल्लेका के गांवों के किसान सिंचाई विभाग कार्यालय में पहुंचे। नहर पर मोगियों लगावाने में आ रही परेशानी की समस्या कार्यकारी अभियंता डीपी मुवाल के समक्ष रखी। कार्यकारी अभियंता और किसानों के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत चलती रही। किसान रणजीत गोदारा, शमिंद्र सिंह, जयसिंह, दर्शन सिंह, गुरदीप सिंह का कहना था कि धान का सीजन आ रहा है मोगियों के मंजूरी नहीं मिल रही है। पानी न मिलने को लेकर किशनपुरा डिस्ट्रीब्यूटी के ओर के किसान धरने पर बैठने की बात कर रहे हैं। कार्यकारी अभियंता डीपी मुवाल ने कहा कि दक्षिण घग्गर कैनाल और दोनों डिस्ट्रीब्यूटी की एक सांझी कमेटी बनाई जाए। जिसमें तीनों के पांच-पांच सदस्य शामिल हो। कमेटी की ओर से सिंचाई विभाग को एक शपथ देना होगा, जिसके तहत मोगियों से पानी चोरी को रोकने की जिम्मेदारी कमेटी सदस्यों की होगी। साथ ही प्रशासन की ओर से निर्धारित लेवल और मोगियों के साइज के आधार पर ही किसानों को मोगियां लगानी होगी। अगर गठित कमेटी इन शर्तों पर राजी होती है तो इसके बाद उपायुक्त के सामने यह प्रस्ताव रखा जाएगा।
मौके पर मौजूद किसानों ने इस बात पर सहमति जताई और जल्द ही कमेटी गठित करने की बात कही। बता दें कि किसानों किशनपुरा डिस्ट्रीब्यूटी की टेल तक पानी न पहुंचने को लेकर प्रशासन के खिलाफ कई बार धरना प्रदर्शन किया था। जिसके बाद प्रशासन के आदेशों पर ही ऐलनाबाद और किशनपुरा की ओर की सभी मोगियों को बंद कर दिया गया था।
मुश्तरका खाते में अलग-अलग किसान कर सकता है आवेदन
डिस्ट्रीब्यूटी से पानी लेने के लिए मुश्तरका खाते की जमीन के आधार पर भी किसान मोगी लेने के लिए आवेदन कर सकता है। अधिक जमीन होने के चलते किसान धान के सीजन में पानी की कमी को पूरा करने के लिए ओवर साइज मोगियां दबाकर डिस्ट्रीब्यूटी से पानी निकाल रहे थे। ऐसे में अब किसान मुश्तरका खाते में भी अलग से आवेदन कर सकता है।
ऐलनाबाद और किशनपुरा डिस्ट्रीब्यूटी के किसानों को ज्वाइंट कमेटी गठन करके एफिडेविट देने को कहा है। अन्य किसान ज्वाइंट कमेटी के निर्णयों अंतिम मानते हुए आदेशों का पालन करने को तैयार हैं तो यह मामला उपयुक्त के समक्ष रखा जाएगा।
-डीपी मुवाल, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग सिरसा।