सिरसा। शिक्षा विभाग की ओर से प्रवेश उत्सव और घर-घर सर्वे चलाने के बाद भी राजकीय स्कूलों में दाखिलों की संख्या लक्ष्य से कम है। ऐसे में शिक्षकों के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए भी दाखिलों की संख्या बढ़ाना चुनौती बना है।
इस बार जिले में पिछले साल का दाखिले का आंकड़ा पूरा करना भी चुनौती बना है, जबकि विभाग ने पिछले सत्र से 20 फीसदी दाखिले बढ़ाने का लक्ष्य जिले को दिया है। ऐसे में सरकारी स्कूलों में 1.52 लाख दाखिले होने चाहिए। ऐसा न होने पर जवाब देना होगा।
इसलिए शिक्षा विभाग के अधिकारी कई बार शिक्षकों की बैठक लेकर दाखिलों की समीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों की ओर से शिक्षकों को सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। दाखिला बढ़ाने के लिए अब शिक्षकों को घर-घर जाकर सर्वे करने और अधूरी पढ़ाई के बीच स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का रिकाॅर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
गांवों में सर्वे करेंगे शिक्षक
डीईईओ बूटा राम ने स्कूल मुखियाओं को दाखिला बढ़ाने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षक गांवों में जाकर आयु के हिसाब से बच्चों का सर्वे करें। कौन सा बच्चा कहां पढ़ रहा है। उसकी रिपोर्ट तैयार करें। जिन बच्चों का दाखिला नहीं हुआ है, उनका दाखिला सरकारी स्कूल में करवाया जाए। स्कूल न जाने वाले बच्चों के दाखिले भी जल्द करवाएं, ताकि नामांकन बढ़ाया जा सके। जिन बच्चों का ऑफलाइन दाखिला किया गया है, उनका विवरण एमआईएस पोर्टल पर भरें, ताकि पता चल सके कि कितना नामांकन हुआ है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बूटा राम ने कहा कि निजी स्कूलों के बच्चों को भी विभागीय सुविधाओं की जानकारी देकर उन्हें सरकारी स्कूलों में लाने का प्रयास करें।
दाखिला बढ़ाने के लिए प्राइमरी स्कूल के मुखियाओं की बैठकें ली जा रहीं हैं। इस दौरान उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने स्कूलों में दाखिला बढ़ाएं। गांवों में सर्वे कर रिपोर्ट बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। छुटि्टयों के बाद शिक्षकों को घर-घर भेजा जाएगा। ताकि नामांकन बढ़ाया जा सके।
- बूटा राम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिरसा।